एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जिन आईपीओ के शेयरों ने सबसे अधिक फायदा दिया है, उनमें क्वाड्रांट फ्यूचर 53 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। इसका इश्यू का भाव 290 रुपये था और 444 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था। संभव स्टील का भी शेयर 34 फीसदी ऊपर लिस्ट हुआ। 82 रुपये के भाव वाला इश्यू 110 रुपये पर लिस्ट हुआ था।
घरेलू बाजार के अप्रैल के बाद से रफ्तार पकड़ने से आईपीओ बाजार भी तेजी में है। इस साल कुल 25 कंपनियां आईपीओ लाई हैं और उसमें से 19 कंपनियों ने निवेशकों को रिटर्न दिया है। इनमें से क्वाड्रांट और संभव स्टील फायदा देने में शीर्ष पर हैं। हालांकि, 6 कंपनियों के शेयरों में निवेशकों को घाटा भी हुआ है।
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एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जिन आईपीओ के शेयरों ने सबसे अधिक फायदा दिया है, उनमें क्वाड्रांट फ्यूचर 53 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। इसका इश्यू का भाव 290 रुपये था और 444 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था। संभव स्टील का भी शेयर 34 फीसदी ऊपर लिस्ट हुआ। 82 रुपये के भाव वाला इश्यू 110 रुपये पर लिस्ट हुआ था।
इनके अलावा, जिन कंपनियों ने अच्छा फायदा दिया, उनमें लक्ष्मी डेंटल के शेयर ने करीब 29 फीसदी का रिटर्न दिया। इंडोफार्म का 215 रुपये का शेयर 277 रुपये पर लिस्ट हुआ था, यानी 29 फीसदी का फायदा मिला था। एलनबैरी के शेयर ने 33 फीसदी फायदा दिया। ग्लोब सिविल के शेयर ने भी निवेशकों को 33 फीसदी रिटर्न दिया। एचडीबी फाइनेंशियल ने एक हफ्ते में 13 फीसदी रिटर्न दे दिया। इसका इश्यू भाव 740 रुपये था और बुधवार को यह 853 रुपये पर लिस्ट हुआ था।
आईपीओ : भारत दूसरे नंबर पर
आईपीओ बाजार में भारत इस समय दूसरे नंबर पर है। इस साल भारत ने 5.86 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो वैश्विक आईपीओ बाजार का 12 फीसदी हिस्सा है। इस साल बड़े आईपीओ में एलजी का 15,000 करोड़ है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट भी अगस्त तक बाजार में उतरने की तैयारी में है। इस साल 143 आईपीओ 26 अरब डॉलर जुटाने वाले हैं।
क्रेडिला, एनएसडीएल व एनएसई पर सबकी नजर
इस साल कई बड़े आईपीओ आने वाले हैं। इसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का इश्यू 50,000 करोड़ रुपये से ऊपर हो सकता है। इसका मूल्यांकन 6 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।