मैन्युफैक्चरिंग थीम में ऐसे कई क्षेत्र हैं जो आने वाले वर्षों में तेजी से विकास करने को तैयार हैं। इनमें प्रमुख रूप से ऑटोमोबाइल, रक्षा, खनन, कैपिटल गुड्स, रेलवे, कपड़ा, केमिकल, पेट्रोलियम और गैस शामिल हैं। भारत के तेजी से हो रहे शहरीकरण और लोगों की बढ़ती आय का मतलब यह है कि आने वाले दिनों में हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी।
वैश्विक स्तर पर देखें तो कई देश ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कम कर रहे हैं, जिससे भारत को फायदा होना तय है। मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बढ़ावा देने को सरकार के कदम जैसे मेक इन इंडिया, प्रदर्शन से जुड़े उत्पादन, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के लिए गति शक्ति, देश भर में एक्सप्रेसवे और राजमार्गों को पूरा करना, रक्षा निर्यात आदि पूरे थीम को सबसे आगे ले जाने के लिए तैयार हैं।
दुनियाभर में तनाव के बीच मल्टी एसेट फंड में भी है मौका
मध्य पूर्व देशों में संघर्ष ने कई देशों के बीच तनाव को बढ़ाया है और निवेशकों को हतोत्साहित किया है। यदि आप उन लोगों में से हैं जो इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि ऐसी स्थिति में अपना निवेश कैसे करें, तो मल्टी एसेट दृष्टिकोण चुनना चाहिए। मल्टी एसेट से एक साथ निवेशक कई परिसंपत्ति वर्गों में निवेश कर सकते हैं। यह एक सदाबहार रणनीति है, लेकिन अनिश्चितता के माहौल में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
उच्च विकास की संभावनाओं में निवेश का है अवसर
मल्टी एसेट निवेश दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक इक्विटी की उच्च विकास संभावनाओं से न चूकें। साथ ही डेट जैसी स्थिर संपत्ति के जोखिम के साथ संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखें। एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में सोना महंगाई के खिलाफ मजबूत बचाव प्रदान करता है। रियल एस्टेट साधन आपके पोर्टफोलियो में अतिरिक्त कमाई जोड़ते हैं। आईप्रू मैन्युफैक्चरिंग फंड में अगर किसी निवेशक ने इसकी स्थापना के समय 10 लाख रुपये का निवेश किया होगा तो वह रकम अब 5.5 करोड़ रुपये हो गई है।
निवेश के लिए म्यूचुअल फंड अच्छा
मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां मजबूत वृद्धि के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं। एक निवेशक के रूप में थीम को अपनाना म्यूचुअल फंड के लिए सबसे अच्छा है। इसमें बेहतर रिटर्न अब तक मिला है। उदाहरण के तौर पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। इसने एसएंडपी बीएसई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग टीआरआई से अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले पांच वर्षों में लगातार अच्छा रिटर्न दिया है। एक, तीन और पांच साल के आधार पर फंड ने क्रमशः 35.3%, 34.7% और 19.7% रिटर्न दिया है। एसआईपी रिटर्न पांच वर्षों में 25% से ज्यादा रहा है।
मिला-जुला रहता है पोर्टफोलियो
यह फंड चक्रीय और रक्षात्मक दोनों क्षेत्रों में निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के एक क्रॉस-सेक्शन में निवेश कर रहा है। इनमें मूल्य और वृद्धि दोनों तरीकों का समावेश होता है। यह फंड सभी तरह के बाजार पूंजीकरणों अर्थात लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में निवेश कर पोर्टफोलियो निर्माण में मल्टी-कैप अनुशासन अपनाता है।