लगातार तीन तिमाहियों में 10 अरब डॉलर से अधिक जुटाने के बाद घरेलू स्टार्टअप कंपनियों में इस साल की दूसरी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान निवेश 40 फीसदी घटकर 6.8 अरब डॉलर रह गया। भू-राजनीतिक संकट के कारण स्टार्टअप कंपनियों को मिलने वाले निवेश में कमी आई है। सौदों में 60% से अधिक का औसत आकार 50 लाख डॉलर रहा है।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के मुताबिक, कुल निवेश में 95 फीसदी मुंबई और एनसीआर के स्टार्टअप को मिला है। इस दौरान सिर्फ 4 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनने में सफल रहे। वैश्विक स्तर पर 1,200 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टार्टअप में निवेश को सामान्य होने में एक से डेढ़ साल लग सकते हैं।
विदेशी निवेशकों ने 4,096 करोड़ निकाले
विदेशी संस्थागत निवेशक जुलाई में अब तक घरेलू शेयर बाजार से 4,096 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों से इनकी बिकवाली में गिरावट आ रही है।
जनवरी से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2.21 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं। 2008 में 52,987 करोड़ निकासी के बाद यह रिकॉर्ड है।
नई दिल्ली। बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय बैंक संघ (आईबीए) सरकारी बैंकों (पीएसबी) में शीर्ष पदों के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए संघ ने बैंकिंग क्षेत्र की सलाहकार कंपनियों और संस्थानों से 30 जुलाई तक बोलियां मंगाई है। चयनित कंपनियां बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाएंगी। पूरी कवायद का मकसद भविष्य के लिए नेतृत्व प्रदान करने वाले अधिकारी तैयार करना है, जो डिजिटल रूप से दक्ष हों, रणनीतिक तरीके से सोच सकें और जो अच्छी टीम गठित कर सकें।