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Investment: आवासीय संपत्तियों में निवेश सबके लिए अच्छा विकल्प नहीं, कम रिटर्न और मकानों के रखरखाव की अधिक लागत

Mon, 30 Oct 2023 05:43 AM IST
जलज मिश्रा कालीचरण, नई दिल्ली

सार

आरबीआई का आवासीय मूल्य सूचकांक (एचपीआई) बताता है कि आवासीय संपत्तियों ने 10 साल में सिर्फ 6.75 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। महामारी के पूर्व के दशक में अखिल भारतीय स्तर पर आवासीय संपत्तियों ने सिर्फ 2 फीसदी रिटर्न दिया है। इसमें किराया भी जोड़ लें तो भी यह रिटर्न 4-5 फीसदी पर ही पहुंच पाता है। 

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investment new - फोटो : istock
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विस्तार
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मकान खरीदना हर व्यकि्त का सपना होता है। इसके लिए वे अपने जीवनभर की पूरी गाढ़ी कमाई लगा देते हैं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो बढ़ती महंगाई, उच्च ब्याज दरें, महानगरों में मकानों की बढ़ती कीमतों से भी आवासीय संपत्तियों के प्रति आकर्षण में कमी नहीं आई है। आलम यह है कि बैंकों का खुदरा कर्ज सितंबर, 2023 तक सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें आवासीय कर्ज की हिस्सेदारी 20 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें एक साल में 14 फीसदी तेजी आई है। इस बीच, कई ऐसे आंकड़े भी हैं, जो बताते हैं कि आवासीय संपत्तियों में निवेश सबके लिए मुफीद नहीं है। इसकी कई वजहें हैं, जिनमें उच्च ब्याज दरें, कर्ज पर ब्याज का बोझ, कम रिटर्न व रखरखाव की अधिक लागत शामिल हैं।

10 साल में सिर्फ 6.75% का रिटर्न

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आरबीआई का आवासीय मूल्य सूचकांक (एचपीआई) बताता है कि आवासीय संपत्तियों ने 10 साल में सिर्फ 6.75 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। महामारी के पूर्व के दशक में अखिल भारतीय स्तर पर आवासीय संपत्तियों ने सिर्फ 2 फीसदी रिटर्न दिया है। इसमें किराया भी जोड़ लें तो भी यह रिटर्न 4-5 फीसदी पर ही पहुंच पाता है। 

यहां निवेशकों को अधिक फायदा

  • सेंसेक्स : 10 साल की अवधि में सालाना 14% रिटर्न मिला।
  • इंडेक्स फंड : 14% तक रिटर्न।
  • म्यूचुअल फंड : निवेशकों को तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक रिटर्न मिला है।
  • सोना : पांच साल में करीब 12-13% रिटर्न दिया है।
  • बॉन्ड व फिक्स्ड डिपॉजिट : महंगाई के बावजूद निवेशकों को अच्छी कमाई हुई है।  

लंबी अवधि के लिए निवेश ही बेहतर
आदिल शेट्टी सीईओ, बैंक बाजार का कहना है कि कम रिटर्न व अधिक लागत के कारण आवासीय संपत्तियां कई बार परिवारों के लिए सिर्फ बचत का रुढ़िवादी तरीका बनकर रह जाती हैं। इसलिए, खुदरा निवेशकों के लिए छोटी अवधि में आवासीय संपत्तियों में निवेश एक जोखिम भरा प्रस्ताव बन जाता है।

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