नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लि (एनएसडीएल) आईपीओ से 4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस आईपीओ में एसबीआई 40 लाख शेयर बेच रहा है। एसबीआई व आईडीबीआई बैंक एनएसडीएल के शुरुआती संस्थागत निवेशक हैं। इस इश्यू में जिन निवेशकों ने शुरूआत में निवेश किया था, उनको इस समय भारी लाभ मिल रहा है।
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई व आईडीबीआई जैसे संस्थान एनएसडीएल के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ में 39,900 फीसदी फायदा कमाएंगे। इन दोनों ने दो-दो रुपये में शेयर खरीदे थे। अब इश्यू में इसे 800-800 रुपये में बेचेंगे। कंपनी का आईपीओ 30 जुलाई को खुलेगा। हालांकि, इस इश्यू से कंपनी को कोई भी पैसा नहीं मिलेगा, क्योंकि सारे पहले के संस्थागत निवेशक हिस्सा बेच रहे हैं।
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नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लि (एनएसडीएल) आईपीओ से 4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस आईपीओ में एसबीआई 40 लाख शेयर बेच रहा है। एसबीआई व आईडीबीआई बैंक एनएसडीएल के शुरुआती संस्थागत निवेशक हैं। इस इश्यू में जिन निवेशकों ने शुरूआत में निवेश किया था, उनको इस समय भारी लाभ मिल रहा है। सेबी के नियमों के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और आईडीबीआई बैंक जैसी कंपनियों को किसी भी संस्थान में हिस्सा 15 प्रतिशत से कम रखना होता है। इसके परिणामस्वरूप यह रणनीतिक विनिवेश हो रहा है।
गैर-सूचीबद्ध भाव से 22 फीसदी कम पर इश्यू
एनएसडीएल ने आईपीओ में शेयर का भाव 760 से 800 रुपये के बीच तय किया है। गैर-सूचीबद्ध बाजार में इसका भाव 1,025 रुपये चल रहा है। यानी उसकी तुलना में इश्यू में 22 फीसदी कम भाव रखा गया है। पहले यह 1,275 रुपये तक चला गया था।
टाटा टेक्नोलॉजी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज और पीबी फिनटेक जैसी कंपनियों ने भी आईपीओ में शेयरों की कीमत गैर-सूचीबद्ध बाजार से कम रखी थी। इसका फायदा ये होता है कि लिस्टिंग पर शेयर में अच्छा उछाल देखने को मिल सकता है।
16000 करोड़ होगी बाजार पूंजी
शेयरों के सूचीबद्ध होने के बाद एनएसडीएल की बाजार पूंजी 16,000 करोड़ रुपये होगी। 2024-25 में इसका शुद्ध लाभ 343 करोड़ रुपये रहा। राजस्व 1,535 करोड़ रुपये रहा।
देश में दो डिपॉजिटरीज कंपनियां हैं। सीडीएसएल यानी सेंट्रल डिपॉजिटरीज इंडिया लि और एनएसडीएल।
सीडीएसएल पहले से ही सूचीबद्ध है। इसे बीएसई ने शुरू किया था। एनएसडीएल को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)ने शुरू किया था।