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Inflation in India: रुपये में गिरावट से बढ़ेगी महंगाई, आयात-विदेश में पढ़ना महंगा

Sat, 16 Jul 2022 03:08 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

रुपये में गिरावट का प्राथमिक और तात्कालिक प्रभाव आयातकों पर पड़ता है, जिन्हें समान मात्रा के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। हालांकि, शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे मजबूत होकर 79.91 पर बंद हुआ।
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रुपये - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉलर के मुकाबले रुपया टूटकर 80 के करीब पहुंच गया है। घरेलू मुद्रा की कीमत में लगातार गिरावट से न सिर्फ महंगाई और बढ़ेगी बल्कि कच्चे तेल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। विदेश में पढ़ाई और विदेशी यात्रा पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। 

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रुपये में गिरावट का प्राथमिक और तात्कालिक प्रभाव आयातकों पर पड़ता है, जिन्हें समान मात्रा के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। हालांकि, शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे मजबूत होकर 79.91 पर बंद हुआ।

आयात बिल बढ़ेगा
रुपये में गिरावट से आयात महंगा हो जाएगा क्योंकि आयातित वस्तुओं के भुगतान के लिए आयातकों को डॉलर खरीदने की जरूरत पड़ती है। भारत कच्चा तेल, कोयला, प्लास्टिक उत्पाद, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, वनस्पति तेल, उर्वरक, मशीनरी, सोना, मोती, कीमती पत्थर, लोहा और इस्पात का आयात करता है। 
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पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की जरूरतों का 85 फीसदी आयात करता है। फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, घरेलू मुद्रा का मूल्य घटने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा। महंगाई को संभालना और मुश्किल हो जाएगा। 

मोबाइल-कार खरीदना महंगा
भारत मोबाइल फोन से लेकर कुछ कार उपकरणों का भी आयात करता है। रुपये में गिरावट से आयात महंगा होने से लोगों के लिए मोबाइल, कार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद खरीदना महंगा हो जाएगा।  मोबाइल, कार खरीदना  रुपये में गिरावट से न सिर्फ पेट्रोल-डीजल बल्कि मोबाइल फोन, कुछ कारें और उपकरण भी महंगे हो जाएंगे।

विदेश में पढ़ाई पर अधिक खर्च: रुपये की कीमतें घटने से विदेश में पढ़ाई करना और महंगा हो जाएगा। विदेशी संस्थानों की ओर से शुल्क के रूप में वसूले जाने वाले प्रत्येक डॉलर के लिए अधिक रुपया खर्च करना पड़ेगा। आरबीआई के ब्याज दर बढ़ाने से शिक्षा ऋण पहले ही महंगा हो गया है। 

विदेश यात्रा महंगा 
कोरोना के मामले घटने के बाद विदेश यात्रा में तेजी आ रही है। हालांकि, रुपये में गिरावट के कारण विदेशी यात्रा के लिए अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। 

भारत को मिला लाभ खत्म
रुपये में तेज गिरावट ने भारत के लिए कुछ लाभ लगभग खत्म कर दिया है। वैश्विक तेल और ईंधन की कीमतों को रूस-यूक्रेन युद्ध के पूर्व स्तर तक गिरने से जो लाभ भारत को मिलता, रुपये में आई गिरावट ने उसे खत्म कर दिया है। 

कुछ फायदे भी होंगे
विदेश से पैसे भेजना : आप्रवासी भारतीय (एनआरआई) जो पैसा अपने घर भेजते हैं, वे रुपये के मूल्य में और अधिक भेज सकेंगे। 
निर्यातकों के लिए वरदान : भारत से उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्यातकों को रुपये में गिरावट से लाभ मिलेगा। उन्हें निर्यात के बदले डॉलर के बदले अधिक रुपये मिलेंगे। 

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