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MPC: दशहरा-दिवाली की खुशी पर भारी पड़ी महंगाई; 100 रुपये/किलो टमाटर, होम लोन ईएमआई में कमी नहीं

Wed, 09 Oct 2024 02:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 में रेपो दरों में लगातार वृद्धि करते हुए इसे 6.50 प्रतिशत पर कर दिया था। तभी से लोगों की ईएमआई बढ़ गई है। अलग-अलग होम लोन की राशि के अनुसार लोगों को हर महीने दो हजार से दस हजार रुपये अतिरिक्त चुकाना पड़ रहा है।
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MPC - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दशहरे-दिवाली जैसे त्योहारों की खुशी पर महंगाई की मार भारी पड़ रही है। इन त्योहारों में एक तरफ प्रतिदिन के उपयोग की सभी वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि से लोग परेशान हैं तो उधर रिजर्व बैंक ने भी लगातार दसवीं बार रेपो रेट की दरों में कोई परिवर्तन न कर यह बता दिया है कि अभी होम लोन की बढ़ी दरों से छुटकारा मिलने की कोई संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने यह निर्णय इजरायल और ईरान के बीच चल रही युद्ध जैसी स्थिति और घरेलू महंगाई की दरों को ध्यान में रखते हुए लिया है। 

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पेट भरने में जा रहा वेतन
इस समय सब्जी-दाल से लेकर तेल-मसाले तक की हर वस्तु की कीमत बहुत ऊंची बनी हुई है। टमाटर खुदरा बाजार में 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। आलू का नया सीजन आ गया है, लेकिन आलू की कीमतों में अभी भी कोई कमी नहीं आई है। इसकी कीमतें अभी भी 30 से 40 रुपये किलो पर बना हुआ है। दाल की कीमतें 160-180 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई है। आटा बढ़कर 35 से 40 रुपये किलो हो गया है। यानी आम लोगों के लिए अपनी थाली में दोनों समय का भोजन जुगाड़ करना भी भारी पड़ रहा है। लोगों की कमाई का बड़ा हिस्सा पेट भरने में चला जा रहा है और वे कोई बचत नहीं कर पा रहे हैं। 

होम लोन से छुटकारा नहीं
बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 में रेपो दरों में लगातार वृद्धि करते हुए इसे 6.50 प्रतिशत पर कर दिया था। तभी से लोगों की ईएमआई बढ़ गई है। अलग-अलग होम लोन की राशि के अनुसार लोगों को हर महीने दो हजार से दस हजार रुपये अतिरिक्त चुकाना पड़ रहा है। सभी होम लोन देने वाले बैंकों ने या तो लोगों की प्रति माह जाने वाली ईएमआई बढ़ा दी है, या उसी दर पर कर्ज की समय सीमा 20 साल से बढ़ाकर 25 या 27 साल कर दिया है। यानी अब इसी दर पर उन्हें लगभग अपने पूरे जीवन भर बैंकों की ईएमआई भरनी पड़ेगी। 
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महंगाई में कमी आने की संभावना नहीं
कर्जदार लोगों को महंगी ईएमआई से छुटकारा तभी मिल सकता है, जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रेपो दरों में कमी करे और उपभोक्ता बैंक लोगों को ब्याज दरों में छूट दें। जिस तरह इस्राइल-ईरान के संकट को देखते हुए महंगाई में कमी आने की संभावना नहीं है, माना जा रहा है कि महंगाई को कंट्रोल में रखने के लिए आरबीआई रेपो दरों को इसी तरह ऊंचा बनाकर रखेगा। लेकिन इसका नुकसान आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। 

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