भारत की बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शुमार इंडिगो ने आज एक बड़ी घोषणा की है। इंडिगो ने अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस, यूरोप की एयर फ्रांस-केएलएम और ब्रिटेन की वर्जिन अटलांटिक के साथ एक नई साझेदारी की है। इस साझेदारी का मकसद भारत से यूरोप और उत्तरी अमेरिका यानी अमेरिका और कनाडा के बीच हवाई यात्रा को और बेहतर और आसान बनाना है। यह एलान रविवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया, जिसमें चारों एयरलाइनों के सीईओ मौजूद थे। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स, डेल्टा एयरलाइंस के सीईओ एड बैस्टियन, एयर फ्रांस-KLM के सीईओ बेंजामिन स्मिथ और वर्जिन अटलांटिक के सीईओ शाई वीस ने इस नई ग्लोबल साझेदारी की जानकारी दी।
इस साझेदारी से क्या होंगे फायदे?
इस साझेदारी का मतलब है कि अब भारत से अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई शहरों के लिए सफर करना ज्यादा आसान और सुविधाजनक होगा। बता दें कि, अब यात्रियों को एक ही टिकट से भारत के किसी भी शहर से यूरोप या अमेरिका तक सफर करने की सुविधा मिल सकती है। वहीं चारों एयरलाइनों के नेटवर्क मिलाकर अब दर्जनों शहर एक-दूसरे से जुड़ेंगे। जबकि यात्रियों को ट्रांजिट के समय में आसानी होगी और लगेज ट्रांसफर भी आसान हो जाएगा। वहीं टिकट बुकिंग, चेक-इन और फ्लाइट अनुभव को एक जैसा और बेहतर बनाने की कोशिश होगी।
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इंडिगो की बड़ी अंतरराष्ट्रीय योजना
इंडिगो अब सिर्फ घरेलू उड़ानों पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी तेजी से विस्तार कर रही है। मौजूदा वित्त वर्ष (मार्च 2026 तक) में इंडिगो 10 नए विदेशी शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने वाली है। इंडिगो पहले से ही एयर फ्रांस-केएलएम और वर्जिन अटलांटिक के साथ 2022 से साझेदारी में है, लेकिन अब इस साझेदारी में अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस भी शामिल हो गई है, जिससे इसकी ताकत और बढ़ गई है।
डेल्टा एयरलाइंस फिर शुरू करेगी भारत के लिए उड़ानें
इस मौके पर डेल्टा एयरलाइंस के सीईओ एड बैस्टियन ने बताया कि उनकी कंपनी भारत के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू करने की तैयारी में है। डेल्टा की योजना है कि वह अमेरिका के अटलांटा शहर से भारत की राजधानी दिल्ली के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करे। हालांकि इसके लिए भारत सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। बता दें कि, डेल्टा एयरलाइंस ने पहले भी भारत के लिए उड़ानें चलाई थीं, लेकिन कुछ वर्षों से यह सेवाएं बंद थीं।
भारत: सबसे तेजी से बढ़ता एविएशन बाजार
इस डील की अहम वजह भारत का तेजी से बढ़ता हुआ विमानन बाजार। भारत अब दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते सिविल एविएशन मार्केट्स में शामिल हो गया है। देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है - चाहे वह देश के भीतर की यात्रा हो या विदेश की। इसी मांग को देखते हुए दुनिया की बड़ी एयरलाइंस भारत के साथ साझेदारी करना चाहती हैं।
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यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
अब यात्री इंडिगो की वेबसाइट या ऐप से ही यूरोप और अमेरिका के लिए टिकट बुक कर सकेंगे। वहीं समान चेक-इन, बोर्डिंग और लगेज की सुविधा मिलेगी, भले ही सफर में दो या तीन एयरलाइनों की फ्लाइट हो। कनेक्टिंग टाइम कम होगा, यानी दूसरी फ्लाइट पकड़ने में आसानी होगी।