मजबूत मांग के कारण मार्च में देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर साढ़े 13 साल की सबसे मजबूत वृद्धि दर में से एक रही। एचएसबीसी इंडिया सविर्सिज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स फरवरी के 60.6 से बढ़कर मार्च में 61.2 पर पहुंच गया।परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर रहना विस्तार को दर्शाता है जबकि 50 से नीचे रहना संकुचन को दर्शाता है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल द्वारा लगभग 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के एक पैनल को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत की सेवाओं का पीएमआई फरवरी में मामूली गिरावट के बाद मार्च में बढ़ा और मजबूत मांग के कारण बिक्री और कारोबारी गतिविधियों में तेजी आई। एचएसबीसी के अर्थशास्त्री इनेस लैम ने कहा, "उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए सेवा प्रदाताओं ने अगस्त 2023 के बाद से सबसे तेज गति से हायरिंग में वृद्धि की।"
सर्वेक्षण में कहा गया है, "इनपुट लागत तेज दर से बढ़ी है, इसके बावजूद सेवा प्रदाता उच्च आउटपुट मूल्य वसूलकर मार्जिन बनाए रखने में सक्षम हैं। आगे चलकर सेवा क्षेत्र की कंपनियों को मांग का रुझान अनुकूल बने रहने की उम्मीद है और विपणन प्रयासों को भी वृद्धि के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि हालांकि प्रतिस्पर्धी दबाव को लेकर कुछ चिंताएं हैं।"