Forex Reserves: तीन नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 20 करोड़ डॉलर बढ़कर 46.12 अरब डॉलर हो गया, जबकि एसडीआर 6.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.98 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान आईएमएफ में आरक्षित भंडार 1.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.79 अरब डॉलर हो गया।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन नवंबर को समाप्त सप्ताह में 4.67 अरब डॉलर बढ़कर 590.78 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 27 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.6 अरब डॉलर बढ़कर 586.5 अरब डॉलर हो गया था। रिजर्व बैंक द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 4.39 अरब डॉलर बढ़कर 521.9 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है।
विज्ञापन
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 20 करोड़ डॉलर बढ़कर 46.12 अरब डॉलर हो गया, जबकि एसडीआर 6.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.98 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान आईएमएफ में आरक्षित भंडार 1.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.79 अरब डॉलर हो गया।
विज्ञापन
बता दें कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद वैश्विक घटनाक्रमों के दबाव के बीच केंद्रीय बैंक द्वारा रुपये को बचाने के लिए कोष का इस्तेमाल किए जाने से मुद्रा भंडार में गिरावट आई।
आमतौर पर, आरबीआई, समय-समय पर, तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर की बिक्री भी शामिल है, ताकि रुपये में भारी गिरावट को रोका जा सके। भारतीय रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा बाजारों की बारीकी से निगरानी करता है। केंद्रीय बैंक किसी भी पूर्व-निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना, विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए ही हस्तक्षेप करता है।