PMI Survey: एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 60.7 से गिरकर 59.3 पर आ गया। सोमवार को जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई। सर्वेक्षण में एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में भी गिरावट आई। यह अगस्त में 57.5 से घटकर 56.7 पर आ गया।
भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में संयुक्त उत्पादन में सितंबर में गिरावट आई। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 60.7 से गिरकर 59.3 पर आ गया। सोमवार को जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई। सर्वेक्षण में एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में भी गिरावट आई। यह अगस्त में 57.5 से घटकर 56.7 पर आ गया।
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इस सर्वेक्षण में कारखाने की व्यावसायिक स्थितियों का आकलन किया जाता है। इसके तहत नए ऑर्डर, आउटपुट, रोजगार, आपूर्तिकर्ता का वितरण समय और इन्वेंट्री स्तरों को ध्यान में रखा जाता है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि उत्पादन और नए ऑर्डर में वृद्धि जारी रही, लेकिन यह गति 2024 की शुरुआत के बाद से सबसे धीमी थी।
सर्वेक्षण में कहा गया है, "एसएंडपी ग्लोबल की ओर से संकलित नवीनतम एचएसबीसी 'फ्लैश' पीएमआई सर्वेक्षण ने सितंबर में भारत और निजी क्षेत्र में जारी मजबूत वृद्धि का संकेत दिया है, हालांकि 2024 में अब तक उत्पादन और नए ऑर्डर दोनों सबसे धीमी दरों पर बढ़े हैं।" इसमें कहा गया है कि इनपुट लागत और आउटपुट कीमतों दोनों के लिए मुद्रास्फीति दर अपेक्षाकृत कम रही, सेवा प्रदाताओं ने ढाई साल से अधिक समय में सबसे धीमी गति से अपने शुल्क बढ़ाए।