विश्व आर्थिक मंच की (डब्ल्यूईएफ) वार्षिक बैठक से पहले एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर रिपोर्ट 2024 जारी की गई। इसके मुताबिक, कारोबार और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) में भरोसे के मामले में भारत शीर्ष पर है, जबकि मीडिया में भरोसे के मामले में यह चौथे और सरकार के लिए पांचवें स्थान पर है। रिपोर्ट में सरकार पर भरोसे के लिए सऊदी अरब को पहले नंबर पर जबकि मीडिया पर भरोसे के मामले में चीन को पहले स्थान पर रखा गया है। ट्रस्ट बैरोमीटर के अनुसार नियोक्ता में दिखाए गए विश्वास के मामले में इंडोनेशिया शीर्ष पर है और उसके बाद भारत दूसरे स्थान पर है।
इस ऑनलाइन वार्षिक सर्वेक्षण में 28 देशों के 32 हजार से ज्यादा उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था। गैर-सरकारी संगठनों, कारोबार, सरकार और मीडिया में औसत भरोसे पर तैयार समग्र सूचकांक में भारत दूसरे स्थान पर है। इस मामले में 2023 में भारत चौथे स्थान पर था। जबकि, चीन ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर करीब 63 फीसदी लोग इस बात से चिंतित दिखे कि सरकारी नेता जानबूझकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि, व्यापार जगत के लिए यह आंकड़ा 61 फीसदी और पत्रकारों के लिए 64 फीसदी है।
सर्वेक्षण में पाया गया कि विज्ञान अपनी आजादी खो रहा है। अमेरिका के दो-तिहाई (67 फीसदी) उत्तरदाताओं ने माना कि विज्ञान का राजनीतिकरण हो गया है। जबकि, चीन के तीन-चौथाई (75 प्रतिशत) उत्तरदाताओं ने माना कि सरकार और संगठन अनुसंधान के लिए कितना पैसा देते हैं, इसका बहुत असर पड़ता है। वहीं, सूचना युद्ध (इनफोर्मेशन वॉर) के डर में बीते एक साल में छह अंक तक का उछाल आया है। सामाजिक डर में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है।