भारत वैश्विक लाइफस्टाइल ब्रांड के लिए एक केंद्र के रूप में उभर रहा है। दुनियाभर के शीर्ष-50 लाइफस्टाइल ब्रांड में से 90 फीसदी भारत में मौजूद हैं। कई अन्य वैश्विक ब्रांड यहां आने की तैयारी में है। वैश्विक कंसल्टेंट फर्म बेन एंड कंपनी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स मंच मिन्त्रा की बुधवार को जारी अध्ययन के मुताबिक, भारत को वैश्विक लाइफस्टाइल ब्रांड के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मजबूत ऑनलाइन बिक्री और तेजी से बढ़ते ‘ई-लाइफस्टाइल’ बाजार का योगदान है। भारत में बड़े पैमाने पर वैश्विक फैशन ब्रांड ने मजबूत वृद्धि का प्रदर्शन किया है। इसमें 2018-23 के दौरान सालाना आधार पर 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले साल 60 से अधिक वैश्विक ब्रांड लॉन्च
करीब 50 फीसदी वैश्विक ब्रांड का भारत में राजस्व पहले से ही तीन करोड़ डॉलर से अधिक है। देश में पिछले वर्ष 60 से अधिक विविध लाइफस्टाइल ब्रांड लॉन्च किए गए या पेश करने की योजना बनाई गई।अध्ययन में आगे कहा गया है कि ऑनलाइन चैनल भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले वैश्विक ब्रांडों के लिए शीर्ष विकल्प हैं। इनसे शीर्ष ब्रांड को बड़े ग्राहक आधार के साथ बाजार रुझान की जानकारी मिलती है।
210 अरब डॉलर का होगा बाजार
भारत के 130 अरब डॉलर के लाइफस्टाइल बाजार में फैशन का हिस्सा 80 फीसदी है। अगले पांच वर्षों में लाइफस्टाइल बाजार 10-12 फीसदी की सालाना दर से बढ़कर 210 अरब डॉलर का हो जाएगा।
काफी विकसित हुआ ई-लाइफस्टाइल बाजार
बेन एंड कंपनी में साझेदार श्याम उन्नीकृष्णन ने कहा, भारत का ई-लाइफस्टाइल बाजार पिछले कुछ वर्षों में काफी विकसित हुआ हैं। इसमें खरीदारों का एक अलग आधार है। हर तीन में से दो ऑनलाइन खरीदार शीर्ष-50 शहरों से बाहर के हैं। हर दो में से एक ऑनलाइन खरीदार गैर-समृद्ध क्षेत्रों से हैं और तीन में से एक खरीदार जेन-जी (1997 से 2012 के बीच जन्मे) हैं। अध्ययन के मुताबिक, लाइफस्टाइल पर खर्च किए जाने वाले पांच डॉलर में से ऑनलाइन खरीद की हिस्सेदारी एक डॉलर है।