गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध।
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गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध।
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8-संचालित योजनाओं के लिए फायदेमंद
गिरते माल का आकलन करने के बाद कुछ हफ्ते पहले ही सरकार ने मई से शुरू होने वाले पांच महीनों के लिए सरकार की मुफ्त राशन योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत वितरण के लिए राज्यों को गेहूं के स्थान पर 5.5 मिलियन टन चावल आवंटित करने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि इससे करीब 55 लाख टन गेहूं तुरंत निकल जाएगा, जिसका इस्तेमाल स्टॉक बनाने में किया जा सकता है। गेहूं का निर्यात रोके जाने से स्टॉक में इजाफा होगा और इस तरह की योजनाओं में फिर से गेहूं का वितरण शुरू किया जा सकेगा।
9-खाद्य महंगाई पर दिखाई देगा प्रभाव
सरकार के इस फैसले के चलते खाद्य महंगाई में भी कमी आने की संभावना है। बता दें कि देश में महंगाई आसमान छू रही है, खुदरा महंगाई एक बार फिर लंबी छलांग मारते हुए अप्रैल महीने में 7.79 फीसदी पर पहुंच चुकी है। इस बीच अप्रैल में खाद्य पदार्थों पर महंगाई 8.38 फीसदी के स्तर पर पहुंच चुकी है। देश में आटे का खुदरा मूल्य इस समय 12 साल के शीर्ष पर है। इसमें कमी आने से जनता को राहत मिलेगी।
10-गेहूं पर महंगाई दर में आएगी गिरावट
मार्च महीने में भारत की थोक गेहूं मुद्रास्फीति दर 14 फीसदी रही थी, जो कि पांच साल से ज्यादा समय का उच्च स्तर था। गेहूं की कीमतों में गिरावट आने पर इस मोर्चे पर भी राहत मिलेगी। इससे घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।