केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर कहते हैं इंटरनेट वेबसाइट न्यूज क्लिक के चीन से संबंध मामले में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस, चीन और न्यूज़क्लिक एक ही गर्भनाल का हिस्सा हैं। राहुल गांधी की 'नकली मोहब्बत की दुकान' में चीनी सामान साफ देखा जा सकता है। चीन के लिए उनका प्यार देखा जा सकता है। वे भारत विरोधी एजेंडा चला रहे थे।"
2021 में, हमने न्यूज़क्लिक के बारे में उजागर किया कि विदेशी प्रचार कैसे भारत के खिलाफ है। इस भारत विरोधी अभियान में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल उनके समर्थन में आए। चीनी कंपनियां मोगुल नेविल रॉय सिंघम के माध्यम से न्यूज़क्लिक को फंडिंग कर रही थीं, लेकिन उनके सेल्समैन भारत के कुछ लोग थे, जो उनके समर्थन में आए जब उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर का कहना है, "... न्यूज़क्लिक और अन्य प्लेटफार्मों द्वारा प्रस्तुत आख्यानों को राहुल गांधी द्वारा लगभग उसी तरह से प्रतिध्वनित किया जाता है, वे विदेश जाते हैं और बिल्कुल वही बातें कहते हैं- लोकतंत्र खतरे में है, न्यायपालिका से समझौता किया जाता है, ईवीएम से समझौता किया जाता है। यह वही कथा है जो इन प्लेटफार्मों ने सामने रखी है। यह एक जटिल साजिश है। यह ऑपरेटरों का एक नेटवर्क है, जिसे देश के बाहर निहित स्वार्थों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, जो भारत के उदय का विरोध कर रहे हैं।"
शशि थरूर ने किया पलटवार, बोले- यह बेतूकी राजनीति
चीन और कांग्रेस को एक गर्भनाल का हिस्सा बताने के भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि इस तरह के आरोपों का कोई मतलब नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो गलवान में हमारे 20 सैनिकों की हत्या के बाद दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के खिलाफ 'पर्याप्त सख्त' नहीं होने के लिए केंद्र की आलोचना करती है। थरूर की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के उस आरोप के कुछ घंटों बाद आई है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि चीन ने संप्रग के शासनकाल में कांग्रेस पार्टी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और राजीव गांधी फाउंडेशन को भुगतान किया था।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, 'इस तरह की राजनीति बेतुकी है, राजनीतिक दलों में किसी को भी भारतीय विरोधी नहीं माना जा सकता। भारत को कैसे प्रगति करनी चाहिए और एक लोकतंत्र के रूप में अपने भविष्य के संदर्भ में इसकी क्या जरूरत है, इस बारे में हमारा एक अलग दृष्टिकोण है और यही अंतर है। उन्होंने कहा कि इसके बजाय, हम (कांग्रेस) गलवान में हमारे 20 सैनिकों को मारने के बाद चीन पर पर्याप्त सख्त नहीं होने के लिए इस सरकार की आलोचना कर रहे हैं। थरूर ने कहा, 'इसलिए इस तरह के आरोप लगाने का कोई मतलब नहीं है।