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Income Tax Department: नकदी के लेनदेन की जानकारी नहीं दे रहे होटल और अस्पताल, अब आयकर विभाग कसेगा शिकंजा

Sat, 17 Aug 2024 10:16 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक वित्तीय संस्थानों के दो लाख रुपये से अधिक के नकदी लेनदेन का विवरण देना जरूरी होता है। लेकिन देश में तमाम बड़े संस्थान ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जांच की थी।
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आयकर विभाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशभर में तमाम होटल, अस्पताल समेत कई बड़े लग्जरी ब्रांड पर आयकर विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है। यह संस्थान लगातार नकदी के लेनदेन को लेकर जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। अब केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग को ऐसे संस्थानों में नकदी के लेनदेन की जांच करने का निर्देश दिया है। इसके बाद आयकर विभाग ने सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। 

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आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक वित्तीय संस्थानों के दो लाख रुपये से अधिक के नकदी लेनदेन का विवरण देना जरूरी होता है। लेकिन देश में तमाम बड़े संस्थान ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जांच की। जांच करने पर पाया गया कि प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। उच्च मूल्य वाले उपभोग व्यय को करदाता के बारे में जानकारी के साथ सत्यापित करना जरूरी है।

इस पर बोर्ड ने आयकर विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने हाल में केंद्रीय कार्य योजना (सीएपी) 2024-25 जारी की है। सीबीडीटी ने आयकर विभाग से यह भी कहा है कि जांच हस्तक्षेप के बिना होनी चाहिए। सीबीडीटी ने आयकर विभाग से बकाया मांगों की वसूली के लिए ठोस प्रयास करने को भी कहा है। 
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इसके बाद आयकर विभाग ने होटलों, बैंक्वेट हॉल, लक्जरी ब्रांड के खुदरा विक्रेताओं, आईवीएफ क्लीनिक, अस्पताल, डिजाइनर कपड़ों की दुकानों और एनआरआई कोटा मेडिकल कॉलेज सीटों की पहचान की है। इन व्यावसायिक संस्थानों में आयकर नियमों का पालन नहीं किया गया और बड़े पैमाने पर नकदी का लेनदेन किया गया।

फर्जी संदेश से करदाताओं को आयकर विभाग ने किया सावधान
कर अदा कर चुके करदाता जो इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं उन्हें आयकर विभाग ने फर्जी संदेशों से सावधान किया है। आयकर विभाग ने मोबाइल फोन पर आने वाले कर रिफंड की स्वीकृति वाले संदेशों से करदाताओं को बचने की सलाह दी है। आयकर विभाग ने इसे एक घोटाला करार दिया है। 
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