लंदन में पले-बढ़े करम हिंदुजा का बचपन में सबसे पसंदीदा समय अपने दादा श्रीचंद हिंदुजा के साथ बॉलीवुड फिल्में देखना था। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा को ही 'हिंदुजा ग्रुप' नाम से कारोबारी साम्राज्य खड़ा करना के लिए पहचाना जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुजा परिवार में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसमें कहा गया है कि परिवार में संपत्ति को लेकर जंग हो रही है। यह लड़ाई आगे बढ़कर लंदन और स्विटजरलैंड के कोर्ट तक पहुंच गई है।
डिमेंशिया से जूझ रहे हैं श्रीचंद हिंदुजा
रिपोर्ट में कहा गया है कि 85 वर्षीय श्रीचंद परमानंद हिंदुजा इस समय डिमेंशिया से जूझ रहे हैं और उनके बीमार होने के बाद से करम, उनकी बहन, मां, चाची और दादी का हिंदुजा परिवार के बाकी सदस्यों के साथ संपत्ति विवाद भी जोर पकड़ चुका है।
समूह में हिस्सेदारी को लेकर तकरार
गौरतलब है कि हिंदुजा समूह का कारोबारी साम्राज्य लगभग 18 अरब डॉलर का है और इस ब्रिटिश-इंडियन कॉरपोरेट समूह में हिस्सेदारी को लेकर परिवार में खींचतान चल रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि करम हिंदुजा और उनके साथ की फैमिली के लोग चाहते हैं कि संपत्तियों को अलग-अलग बांट दिया जाए। जबकि, श्रीचंद हिंदुजा के बाकी तीन भाई गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा चाहते हैं कि कंपनी पहले की तरह एक बनी रहे।
महिला विरोधी मानसिकता की बात सामने आई
दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में शामिल हिंदुजा परिवार में जारी कलह को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है श्रीचंद परमानंद हिंदुजा के पक्ष के लोगों की ओर से उनका व्यापार उनकी बेटियां संभाल रही हैं। इस पक्ष का यह कहना है कि महिला-विरोधी मानसिकता के चलते उनकी बेटियों के खिलाफ दूसरे पक्ष के लोग गलत कार्रवाई कर सकते हैं। इसको लेकर अब उनका पीछे हटने का कोई भी इरादा नहीं है।
38 देशों में फैला है कारोबार
हिंदुजा ग्रुप के पास दर्जनों कंपनियां हैं, जिनमें छह कंपनियां लिस्टेड हैं। हिंदुजा ग्रुप का कारोबार दुनियाभर के 38 देशों में फैला हुआ है। इसमें भारत भी शामिल है। इन कंपनियों में करीब 1.5 लाख कर्मचारी ग्रुप ट्रक मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, केमिकल्स, पॉवर, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर में क्षेत्र में कार्यरत हैं।