बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एसबीआई दिसंबर तिमाही में जमा बढ़त के मामले में सरकारी बैंकों में शीर्ष पर रहे हैं। बाकी 10 बैंकों के जमा में 10 फीसदी से कम की वृद्धि रही है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र का जमा 17.89 फीसदी और एसबीआई का जमा 12.84 फीसदी बढ़ा है।
एसबीआई का कुल जमा 45.68 लाख करोड़ रुपये रहा है जो बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 2.46 लाख करोड़ की तुलना में 18 गुना से ज्यादा है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का जमा 9.53 फीसदी और पंजाब नेशनल बैंक का जमा 9.10 फीसदी बढ़ा है।
बैंकों के जमा में बढ़ोतरी चालू-बचत खाते से आई है। बुरे फंसे कर्जों (एनपीए) में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का शुद्ध एनपीए 0.22% और इंडियन बैंक का 0.53% रहा है, जो सबसे कम है। चालू वित्त वर्ष के नौ महीनों में 12 सरकारी बैंकों का शुद्ध लाभ 98,355 करोड़ रहा है। एक साल पहले समान तिमाही में यह 104,649 करोड़ था।
पीएनबी के फायदे में सबसे अधिक 253% की बढ़त जबकि बैंक ऑफ इंडिया के लाभ में 62% की तेजी थी। यूनियन बैंक का मुनाफा 60 फीसदी बढ़ा है। एसबीआई, यूको और पंजाब एंड सिंध बैंक के मुनाफे में 69% तक की गिरावट आई है।
वेतन-पेंशन वृद्धि से 26 हजार करोड़ घटेगा लाभ: एसबीआई
एसबीआई ने कहा, वेतन व पेंशन में वृद्धि से मार्च तक उसके मुनाफे में 26,000 करोड़ की कमी आएगी। इस बढ़त से ही दिसंबर तिमाही में उसका फायदा 35 फीसदी घटकर 9,164 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह 14,205 करोड़ था।
बैंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा, कर्मचारी यूनियनों के साथ समझौते में 17 फीसदी वेतन बढ़ोतरी का फैसला हुआ था। यह नवंबर से लागू है। इससे वेतन व पेंशन के लिए तिमाही में 7,100 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ा। इसमें से 5,400 करोड़ पेंशन के लिए हैं। 2022 से कुछ कर्मचारियों को 40 फीसदी और कुछ को उनके अंतिम वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिल रहा था। तब से मामला अदालत में था जो अब निपट गया है।