केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सख्त करने पर विचार कर रहा। फर्जी पंजीकरण को रोकने, जीएसटी भरने की प्रक्रिया को आसान करने और करदाताओं के बीच ई-चालान को लोकप्रिय बनाने की दिशा में भी तेजी से काम शुरू किया है।
एसोचैम की ओर से बुधवार को आयोजित जीएसटी पर राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सीबीआईसी के विशेष सचिव और सदस्य शशांक प्रिय ने ये बातें कहीं। उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
नई दिल्ली के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में शशांक प्रिय ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण और इसके अनुपालन में सुधार के लिए विभाग तेजी से काम कर रहा। इसका अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि सीबीआईसी ने 1.66 लाख करोड़ रुपये का औसत मासिक जीएसटी संग्रह किया है। ये एक अच्छा संकेत है, अभी इससे भी आगे बढ़ा जा सकता है। इसमें सुधार के पूरे अवसर हैं।
जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण जल्द चालू होने की उम्मीद
उन्होंने कहा, ई-चालान को अधिक लोकप्रिय बनाने और करदाताओं को भी ऑनलाइन मोड में जाकर कर भुगतान करने के लिए प्रेरित करने पर काम हो रहा। अभी ये प्रक्रिया धीमी है। लेकिन ई-चालान के लिए बिजनेस टू कस्टमर सेगमेंट के विस्तार के बाद बिजनेस टू बिजनेस सेगमेंट में प्रवेश किया जाएगा। वर्तमान में ई-चालान सीमा पांच करोड़ रुपये निर्धारित है। उम्मीद है जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण चार से पांच महीने में चालू हो जाएगा।
शशांक प्रिय ने कहा कि अबतक जीएसटी भरने के लिए विभिन्न कंपनियों को करीब 33 हजार नोटिस भेजे गए हैं। इसके लिए विभाग एक स्वचालित जांच मॉडल विकसित कर रहा है। दिसंबर के आखिर तक राज्य और केंद्र इकाइयों के जीएसटी अधिकारियों के बीच राष्ट्रीय समन्वय समिति की एक बैठक भी होने की उम्मीद है।
कुछ महीनों में बेहतर रहा जीएसटी संग्रह: प्रतीक
एसोचैम के राष्ट्रीय अप्रत्यक्ष कर परिषद के अध्यक्ष प्रतीक जैन ने कहा, पिछले कुछ महीनों में जीएसटी संग्रह अच्छा रहा है। वित्त वर्ष 2024 में जीएसटी संग्रह लक्ष्य को पार करने की संभावना है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जीएसटी ने सभी राज्यों में एक कानून और समान कर दरों के साथ संरचनात्मक सरलता ला दी है। उद्योग जगत का मानना है कि सरकार को अब व्यापार करने में आसानी के एजेंडे पर जोर देने की जरूरत है। एसोचैम के सह अध्यक्ष रितेश कनोडिया ने कहा कि अभी जीएसटी को लेकर कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार इसे सरल बनाने के लिए सकारात्मक पहल कर रही है।