क्या आपने सोचा है कि मौजूदा कंपनी छोड़ने के बाद अगर आपकी अगली कंपनी जीएमसी नहीं देती है या सीमित कवर देती है या आप करियर में ब्रेक लेकर फ्रीलांसर या उद्यमी के रूप में कार्य शुरू करने का फैसला लेते हैं तो जीएमसी का क्या होगा? इसमें चिंता की बात नहीं है। कंपनी छोड़ने के बाद भी जीएमसी का लाभ उठा सकते हैं। इसके तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को व्यक्तिगत मेडिकल पॉलिसी या फैमिली फ्लोटर प्लान में पोर्ट करा सकते हैं।
ऐसे पोर्ट करा उठा सकते हैं सुविधा का फायदा
यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए जीएमसी देने वाली बीमा कंपनी को पॉलिसी को एक व्यक्तिगत योजना में पोर्ट करने की सूचना देनी होगी। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए आपको वर्तमान कंपनी या संगठन के साथ अपने अंतिम कार्यदिवस से कम-से-कम 45 दिन पहले बीमाकर्ता को इसकी जानकारी देनी होगी।
जरूरत के अनुसार उत्पाद चुनें
जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य बीमा उत्पाद का चयन करें। इसके बाद बीमा कंपनी आपको उस उत्पाद से संबंधित प्रपोजल व पोर्टेबिलिटी फॉर्म जैसे आवश्यक दस्तावेज देगी। फॉर्म में मौजूदा जीएमसी पॉलिसी, मेडिकल हिस्ट्री व अब तक किए गए क्लेम आदि का विवरण भरकर बीमाकर्ता के पास जमा कर दें।
ऑफर्स का मूल्यांकन करें : फॉर्म जमा होने के बाद बीमाकर्ता आपके क्लेम अनुभव या स्वास्थ्य विवरण के आधार पर शर्तों में बदलाव या संशोधन कर सकता है। ऑफर्स के मूल्यांकन के बाद ही उत्पाद खरीदें।
घट सकता है वेटिंग पीरियड
व्यक्तिगत या फैमिली फ्लोटर पॉलिसी की कुछ बीमारियों के वेटिंग पीरियड को जीएमसी से समायोजित कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, आप जो पॉलिसी खरीदना चाहते हैं, उसमें किसी विशेष बीमारी के लिए चार साल का वेटिंग पीरियड है, जबकि आपके पास तीन साल के लिए जीएमसी कवर है। ऐसे में जीएमसी के तहत उन बीमारियों के लिए वेटिंग पीरियड एक साल रह जाएगा।
दूसरी कंपनी से नहीं करा सकते पोर्ट
हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के प्रमुख भास्कर नेरुरकर ने कहा कि इसे उसी बीमा कंपनी से पोर्ट करा सकते हैं, जिससे जीएमसी चल रहा है। जीएमसी में स्वास्थ्य जांच की जरूरत नहीं होती है, लेकिन पोर्ट कराते समय नियमित मेडिकल टेस्ट कराना पड़ता है।