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GP Hinduja: भारत-ब्रिटेन के संबंधों के बीच पुल थे गोपीचंद हिंदुजा, आखिरी बार इस परियोजना को पहनाया अमलीजामा

Tue, 04 Nov 2025 07:05 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

GP Hinduja: हिंदुजा समूह के चेयरमैन गोपीचंद परमानंद हिंदुजा का मंगलवार को लंदन में निधन हो गया। भारत और ब्रिटेन के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हिदुजा परिवार खासकर गोपीचंद हिंदुजा का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्हें भारत-ब्रिटेन के घनिष्ठ संबंधों का मजबूत समर्थक और ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लिए एक मार्गदर्शक माना जाता था। आइए उनके बारे में जानते हैं विस्तार से।
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गोपीचंद परमानंद हिंदुजा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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हिंदुजा समूह के चेयरमैन गोपीचंद परमानंद हिंदुजा का मंगलवार को लंदन में निधन हो गया। भारत और ब्रिटेन के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हिदुजा परिवार खासकर गोपीचंद हिंदुजा का महत्वपूर्ण योगदान था। आपने जीवन काल में जीपी (उनके करीबी उन्हें इसी नाम से पुकारते थे) ने विश्व युद्ध की पहचान वाले एक स्मारक को शांति की धरोहर में बदला। उन्हें भारत-ब्रिटेन के घनिष्ठ संबंधों का मजबूत समर्थक और ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लिए मार्गदर्शक माना जाता था। उन्होंने 85 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। गोपीचंद हिंदुजा वैश्विक स्तर पर कारोबार करने वाले समूह के मुखिया और ब्रिटेन के सबसे धनी उद्योगपतियों में एक थे। सालाना 'संडे टाइम्स रिच लिस्ट' में उनका नाम अक्सर शुमार रहता था। इस साल भी लगातार चौथी बार उन्हें इस लिस्ट में पहले नंबर पर रखा गया था। उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 35.3 अरब पाउंड की है। 

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भारत-ब्रिटेन के संबंधों जीवंत पुल थे गोपीचंद हिंदुजा

कोबरा बीयर के संस्थापक लॉर्ड करण बिलिमोरिया का मानना है कि जीपी (गोपीचंद हिंदुजा को इसी नाम से पुकारा जाता था) को एक ऐसे उद्यमी के रूप में याद किया जाएगा, जो भारत-ब्रिटेन के बीच संबंधों में एक जीता-जागता पुल था। लॉर्ड बिलिमोरिया ने कहा, "हिंदुजा समूह का मुख्यालय यूके में है पर जीपी हिंदुजा वैश्विक स्तर पर लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थे। हिंदुजा परिवार भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनी के रूप में प्रमुख अधिग्रहण करने वाले पहले परिवारों में से एक था। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग, विनिर्माण और परिवहन कंपनियों में से एक अशोक लेलैंड को खरीदा और इसे बुलंदियों तक ले गए।"

अपनी परियोजनाओं में भारत और ब्रिटेन को हमेशा एक साथ रखते थे गोपीचंद हिंदुजा

उन्होंने कहा, "ब्रिटेन और भारत के बीच का संबंध, चाहे बैंकिंग हो, विनिर्माण हो, संपत्ति हो, वे हमेशा ब्रिटेन और भारत को एक साथ रखते थे... और, जीपी न केवल ब्रिटेन और भारत में एक प्रसिद्ध और सम्मानित व्यक्ति थे, बल्कि हमारे दोनों देशों के लिए एक महान चैंपियन भी थे। हमें उनकी बहुत याद आएगी।" ब्रिटिश इंडियन हाउस ऑफ लॉर्ड्स के एक अन्य सदस्य और जीपी हिंदुजा के करीबी सहयोगी, रामी रेंजर ने उनके निधन को “एक युग का अंत” बताया। लॉर्ड रेंजर ने कहा, "वह सबसे दयालु, विनम्र और वफादार मित्रों में से एक थे। उनका निधन एक युग का अंत है, क्योंकि वह वास्तव में पूरे समुदाय के शुभचिंतक और मार्गदर्शक थे।" उन्होंने कहा, "मुझे कई वर्षों से उन्हें जानने का मौका मिला। उनके गुण अद्वितीय थे। उनमें जबरदस्त हास्य-बोध था। उन्होंने भारतीय समुदाय और भारत के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने हमेशा अच्छे कार्यों में मदद की। उन्होंने अपने पीछे एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है जिसे भरना कठिन होगा।"

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लंदन में व्यवसायों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए करते थे प्रेरित

जीपी हिंदुजा अक्सर लंदन में व्यवसायों को तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उन्हें पिछले कुछ वर्षों में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। हाल ही में उन्हें वैश्विक आर्थिक सम्मेलन में व्यापार और उद्योग में उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। उनके बड़े भाई और समूह के सह-अध्यक्ष एसपी हिंदुजा का मई 2023 में निधन हो गया था। हिंदुजा बंधुओं में उनके भाई प्रकाश और अशोक भी शामिल हैं। यह परिवार ब्रिटेन में सबसे प्रसिद्ध भारतीय मूल के व्यापारिक परिवारों में से एक है। परिवार की कंपनियों का समूह 48 देशों में ऑटोमोटिव, तेल और विशेष रसायन, बैंकिंग और वित्त, आईटी, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, बुनियादी ढांचा परियोजना विकास, मीडिया और मनोरंजन, बिजली और रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा है। 

आखिरी बार समूह की इस परियोजना पर पर किया काम

जीपी हिंदुजा ने समूह की जिस परियोजना की आखिरी बार देखरेख की, वह थी विंस्टन चर्चिल के पुराने युद्ध कार्यालय को मध्य लंदन में एक लक्जरी ओडब्ल्यूओ रैफल्स होटल में बदलने का प्लान। सितंबर 2023 में इसके भव्य उद्घाटन समारोह में जीपी हिंदुजा ने कहा, "हम हमेशा यह देखने के लिए काम करते रहे हैं कि हम भारत और ब्रिटेन के बीच क्या सर्वश्रेष्ठ कर सकते हैं। हमारा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी मेजबान देश और मातृभूमि के बीच एक सेतु के रूप में काम करना है।"

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युद्ध के कलंक को शांति की धरोहर बदलने का मिला श्रेय

उन्होंने कहा, "हमें आठ साल लगे (होटल तैयार करने में) और इन आठ वर्षों में हमें बहुत कुछ करना था, लेकिन आखिरकार इस प्रतिष्ठित इमारत को विश्व युद्ध नहीं, बल्कि शांति और सुकून की धरोहर में बदल दिया गया है। यह न केवल हिंदुजा समूह की विरासत है, बल्कि लंदन के एक महान गंतव्य के रूप में भी इसकी पहचान बनेगी। लंदन आने वाला हर व्यक्ति सबसे पहले यहां आकर देखेगा कि यह क्या है।" पिछले वर्ष उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन के साथ एक नई साझेदारी की घोषणा की थी। इसका मकसद  हिंदुजा-किंग्स हेल्थ पार्टनर्स अकादमी के जरिए भारत और ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना था। इसके एलान के दौरान उन्होंने कहा था, "हम इसे भारत और ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हुई दीर्घकालिक साझेदारी के हिस्से के रूप में देखते हैं।"

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