5.03 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी सरकार
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सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए राजस्व अंतर को पूरा करने के लिए 5.03 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पहली छमाही के दौरान सरकार ने बांड जारी कर 7.02 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। मंत्रालय ने कहा, केंद्रीय बजट में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुमानित 12.05 लाख करोड़ रुपये के सकल बाजार उधार में से 7.24 लाख करोड़ रुपये (60 प्रतिशत) पहली छमाही (एच1) में उधार लेने की योजना थी।
वित्त वर्ष 2021-22 के पहली छमाही (एच1) में प्रभावी उधार 7.02 लाख करोड़ रुपये था। सरकार अब वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही (एच2) में शेष 5.03 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रही है।
एच2 अनुमानित वर्ष के दौरान जीएसटी मुआवजे के बदले बैक-टू-बैक ऋण सुविधा के कारण राज्यों को शेष राशि जारी करने की आवश्यकताओं को इंगित करता है। 2021-22 के बजट के अनुसार, सरकार की सकल उधारी 12.05 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि शुद्ध उधारी 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में 9.37 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी।
सकल उधार में पिछले ऋणों का पुनर्भुगतान भी शामिल है। अगले वित्तीय वर्ष में पिछले ऋणों का पुनर्भुगतान 2.80 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। सरकार प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों के माध्यम से अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से धन जुटाती है।