केंद्र सरकार 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से पहले सभी कंपनियों को इसका परीक्षण करने की अनुमति देगी। दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए सरकार ने अपनी नीति को तैयार कर लिया है।
प्रसाद ने कहा कि 5जी भविष्य है और इस क्षेत्र में हम इनोवेशन को पूरी तरह से बढ़ावा देंगे। 5जी का परीक्षण करने का मौका सभी कंपनियों के अलावा वेंडर्स जैसे कि हुवाई को भी मिलेगा। यह नया 5जी चंक बैंड जो कि 24.75 से 27.75 गीजहर्ट्ज का है, वो 5.22 लाख करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम नीलामी से काफी अलग है। इसकी मंजूरी डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन ने 20 दिसंबर को दी थी, जिसके तहत 8300 मेगाहर्ट्ज का बैंड सभी 22 सर्किलों में बिक्री के लिए अगले साल मार्च-अप्रैल में रखा जाएगा।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार से 26 गीगाहर्ट्ज बैंड के लिए ट्राई से सुझाव मांगने को कहा था। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने हाल ही में कहा था कि हमने दूरसंचार विभाग से सिफारिश की थी कि वह इस नीलामी में 26 गीगाहर्ट्ज बैंड को शामिल करने के लिए ट्राई से सुझाव ले। भारत में 5जी शुरू करने के सपने को साकार करने में इसका महत्वपूर्ण असर होगा।
देश में 5जी सेवाओं को शुरू करने के लिए सरकार के पास नीलामी के पर्याप्त स्पेक्ट्रम है। इसलिए कंपनियों को इसे लेने के लिए किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। वहीं सरकार ने इस सेवा को शुरू करने के लिए 2020 का लक्ष्य तय किया है।