केंद्र सरकार ने कस्टम व सेंट्रल एक्साइज के भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे 15 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इन अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अफसर शामिल हैं। माेदी सरकार ने एक हफ्ते पहले ही 12 आयकर अफसरों पर ऐसी ही कार्रवाई की थी।
कमिश्नर - संसार चंद, कोलकाता (घूसखोरी), जी श्री हर्षा, चेन्नई (आय से अधिक संपत्ति केस), अतुल दीक्षित, विनय बृज सिंह
जबरन रिटायर किए गए कमिश्नर और भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी संघ के प्रमुख अनूप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय मुझसे रंजिश रखते हैं। भ्रष्टाचार के आरोप गलत हैं और इन मामलों में अदालतों ने उनको बरी कर दिया है। मुख्य आयुक्त के पद पर प्रमोशन की फाइल जांच पड़ताल के बाद विभाग से संघ लोक सेवा आयोग को भेजी गई थी। आयाेग ने पिछले साल 20 दिसंबर को समीक्षा बैठक भी तय कर दी थी। लेकिन नए राजस्व सचिव पांडेय ने फाइल वापस बुला ली।
बर्खास्त किए गए अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं जो दिल्ली में सीबीआईसी में प्रिंसिपल एडीजी (ऑडिट) थे। सूत्रों ने बताया कि 1996 में सीबीआई ने अनूप के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उन्होंने बिल्डिंग सोसायटी को फायदा पहुंचाया, जो कानून के खिलाफ जाकर जमीन खरीद के लिए एनओसी पाने की कोशिश कर रही थी।
सीबीआई ने 2012 में भी अनूप श्रीवास्तव के खिलाफ कर चोरी मामले को ढंकने के लिए एक इम्पोर्टर से कथित तौर पर घूस मांगने और लेने का मामला दर्ज किया था। उनके खिलाफ उत्पीड़न व जबरन वसूली की शिकायतें भी की गई थीं। निलंबित ज्वाइंट कमिश्नर नलिन को भी छुट्टी दे दी गई है। उनके खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति समेत कई केस दर्ज किए थे।