भारत में सोने को एक बेहतर निवेश विकल्प के तौर पर माना जाता है। यही कारण है कि भारत दुनिया का सबसे बढ़ा सोने का आयातक है। बीते कुछ समय से एक-दो दिनों को छोड़ दें तो सोने के दाम में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। फिलहाल इसकी कीमत 48 हजार रुपये के पार चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोने में निवेश का बेहतर समय है और सोना अगले 12 महीनों में अपने ऑल टाइम हाई को पार कर सकता है।
भारत में सोने की मांग और खपत ज्यादा
गौरतलब है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक देशों में है। मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सोने का आयात किया जाता है। मात्रा के हिसाब से भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है। फिलहाल, घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 48,000 रुपये के पार चल रहा है। कोविड-19 की तीसरी लहर के बीच सोने के भाव लगातार तेजी जारी है। इसके साथ ही निवेशक फिर से सोने में निवेश को फायदे का सौदा मान रहे हैं। यही कारण है कि सोने के आयात के साथ ही फिजिकल सोने और गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा है। विशेषज्ञ भी इसे सोने में निवेश का बेहतर समय बता रहे हैं।
ऑल टाइम हाई को पार कर सकता है सोना
विशेषज्ञों की मानें तो अगले 12 से 15 महीनों में सोने का भाव अपने ऑल टाइम हाई 56,000 रुपये के पीक को पार कर जाएगा। विशेषज्ञों ने इसके 1.50 लाख रुपये प्रति औंस को पार करने की उम्मीद जाहिर की है। हाजिर बाजार में पीली धातु की कीमत शुक्रवार को 1839 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में शुक्रवार को कीमती सर्राफा धातु में गिरावट आई, लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि सोने के लिए समग्र दृष्टिकोण तेज है और सोने की कीमत में किसी भी गिरावट को निकट अवधि में बड़े खरीदारी अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। जिंस बाजार के जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट को मुनाफावसूली के तौर पर देखा जाना चाहिए क्योंकि इस हफ्ते कीमती धातु की कीमतों में जोरदार तेजी आई है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को दी ये सलाह
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि कुल मिलाकर सोने की कीमत का दृष्टिकोण सकारात्मक है और पीली धातु की कीमत में किसी भी गिरावट को निवेशकों द्वारा अच्छे खरीदारी अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि सोना अगले एक से दो महीनों में 1900 डॉलर से 1910 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक जा सकता है। उन्होंने सोने के निवेशकों को तेजी के पक्ष में बने रहने और डिप्स पर खरीदारी की रणनीति बनाए रखने की सलाह दी।
अभी खरीदा सोना देगा फायदा
एक अन्य रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमत अगले 12 से 15 महीनों के बिच 2000 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 1,48,854 रुपये के करीब पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि अभी खरीदा गया सोना बाद में निवेशकों को फायदा पहुंचाने वाला है। इसमें कहा गया कि शॉर्ट टर्म में सोने के भाव 1,915 डॉलर यानी 1,42,533.45 रुपये के करीब इस क्वाटर्र में पहुंच सकता है। इसकी ये कीमत 1,965 डॉलर तक आ सकती है। बता दें कि साल 2020 सोने के लिए काफी अहम रहा था, जब इसने 25 फीसदी की रिटर्न दिया था।
स्वर्ण आयात में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
गौरतलब है कि भारत ने साल 2021 के दौरान बड़ी मात्रा में सोने का आयात किया। रिपोर्ट के अनुसार, सोने के आयात के मामले में देश ने पिछले साल 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत ने 2021 में 1,050 टन सोने का आयात किया, जिस पर कुल 55.7 अरब डॉलर खर्च किए गए। सोने के आयात का यह आकंड़ा इससे पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना, जबकि वर्ष 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। सबसे कम सोने के आयात की बात करें तो 2020 में कोरोना महामारी की वजह से 23 अरब डॉलर से कम का सोना आयात किया गया था।
दूसरा सबसे बड़ा आयातक है भारत
सोने के खपत के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। देश में सोने की जितनी खपत होती है उसका अधिकांश हिस्सा विदेशों से आयात होता है। सोने के कुल आयात में से 44 फीसदी स्विट्ज़रलैंड और 11 फीसदी सयुंक्त अरब अमीरात से खरीदा जाता है। पिछले कुछ साल के दौरान किसी भी वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सोने के आयात के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2014-15 में अक्तूबर से दिसंबर के दौरान 339.3 टन सोने का आयात हुआ था।