दिवाली तक रिलांयस अपनी गीगाफाइबर सेवा को शुरू कर सकता है। कंपनी ने इसके लांच के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जानकारों के मुताबिक रिलांयस इसके लिए जिओ का मॉडल अपना सकती है। जिस तरह से जिओ को लांच करते वक्त शुरू के 6 महीने मुफ्त रखा गया था, वैसा ही कुछ गीगाफाइबर के लिए कंपनी कर सकती है।
हैथवे, डेन में खरीदी हिस्सेदारी
रिलायंस ने देश की दो सबसे बड़ी केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी हैथवे व डेन में 65 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है। हैथवे देश की सबसे बड़ी मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) है। एमएसओ ही एक एरिया में फैले लोकल केबल ऑपरेटर (एलसीओ) के जरिए घर-घर में केबल टीवी और इंटरनेट की सुविधा देती है। जिओ ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि वो अपने गीगाफाइबर को पूरे देश में जल्द से जल्द शुरू कर सके।
इसलिए मांग रही है आपसे जानकारी
रिलायंस जियो फिलहाल लोगों से खुद की और अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के अलावा सोसाइटी, आरडब्लूए आदि में भी कनेक्शन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रही है। इससे वो यह पता लगा रही है कि किस एरिया में उसकी नई सेवा को लेने के लिए लोगों में कितनी उत्सुकता है।
रजिस्ट्रेशन कराने से नहीं बन जाएंगे ग्राहक
अगर आपको लगता है कि रजिस्ट्रेशन कराने से ही केवल आप गीगाफाइबर के संभावित ग्राहक बन जाएंगे तो ऐसा नहीं है। ऐसा भी हो सकता है कि कंपनी आपसे आगे कनेक्शन लगाने के लिए पूछे ही नहीं। क्योंकि वो इस रजिस्ट्रेशन को केवल एक सर्वे मान रही है, जिसका कनेक्शन लेने से कोई लेना देना ही नहीं है।