G20 Summit: वित्तीय क्षेत्र में जी20 की भारतीय प्रेसीडेंसी के दौरान की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) के पूंजी पर्याप्तता ढांचे पर एक स्वतंत्र पैनल की सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए जी-20 रोडमैप का समर्थन किया गया।"
क्रिप्टो संपत्तियों पर स्पष्ट नीति के लिए इस समिट के दौरान जोर दिया गया और अब उस पर वैश्विक सहमति बनने लगी है। एफएसबी क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए विश्व स्तर पर समन्वित दृष्टिकोण के लिए नियामक ढांचे की रूपरेखा भी निर्धारित कर रहा है। इसलिए भारत की ओर से जी-20 की अध्यक्षता के दौरान आईएमएफ और एफएसबी के सहयोग से इन रूपरेखाओं को निर्धारित किया जा रहा है। वित्तीय क्षेत्र में जी20 की भारतीय प्रेसीडेंसी के दौरान की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बातें कही।
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वित्त मंत्री ने कहा कि आईएमएफ और एफएसबी का पेपर रोडमैप सहित, यह बताता है कि आईएमएफ और एफएसबी द्वारा विकसित नीति और नियामक ढांचे अन्य मानक-सेटिंग निकायों के साथ कैसे एक साथ फिट होंगे और एक-दूसरे के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा, "बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) के पूंजी पर्याप्तता ढांचे पर एक स्वतंत्र पैनल की सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए जी-20 रोडमैप का समर्थन किया गया। पूंजी पर्याप्तता फ्रेमवर्क (सीएएफ) की सिफारिशें MDB को मौजूदा संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाने पर केंद्रित हैं। रोडमैप का अनुमान है कि सीएएफ और इसके उपायों के कार्यान्वयन से संभावित रूप से अगले दशक में लगभग 200 बिलियन अमरीकी डालर की अतिरिक्त ऋण देने की गुंजाइश पैदा होगी।"
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वित्त मंत्री बोलीं, "बेहतर, बड़े और अधिक प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। बेहतर बड़े और अधिक प्रभावी एमडीबी का होना आवश्यक है क्योंकि दुनिया भर से विकासात्मक मांगें बहुत बढ़ रही हैं, इसलिए इन संस्थानों को बेहतर और बड़ा बनाना होगा।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, "हमने भू-राजनीतिक तनाव के चुनौतीपूर्ण समय में जी20 की अध्यक्षता संभाली। उन्हांने कहा, "आज मैं विश्वास के साथ कह सकती हूं कि भारत के जी-20 देशों की अध्यक्षता में बैठक पूरी हो गई है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि समिट में 21वीं सदी के चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान वैश्विक समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैठक के दौरान क्रिप्टो के नियमन पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस बात पर चर्चा की गई कि कोई भी देश पीछे ना छूटे। इस दौरान ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।