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Amazon Vs Future: कोर्ट के बाहर सुलझेगा मामला, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को दिया 12 दिन का समय

Thu, 03 Mar 2022 03:32 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Future-Amazon Agree To Talks Out Of Court: एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन ने कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए फ्यूचर रिटेल के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से आपसी सहमति से इसे निपटाने के लिए 15 मार्च तक का समय दिया है। इस समय में दोनों पक्षोें का आपस में अंतिम फैसला करना होगा। 
 
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रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच लंबे समय से जारी विवाद अब कोर्ट के बाहर सुलझ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन ने कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए फ्यूचर रिटेल के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से आपसी सहमति से इसे निपटाने के लिए 15 मार्च तक का समय दिया है। 

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अमेजन के वकील ने दिया प्रस्ताव
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेजन के वकील कोर्ट के बाहर मामले को सेटल करेंगे। गुरुवार को दोनों के बीच इस बात की सहमति बनी है। बता दें कि यह मामला रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए सौदे को लेकर चल रहा है। सुप्रीमकोर्ट ने गुरुवार को दोनों पक्षों को 12 दिन का समय दिया है, ताकि वे दोनों आपसी सहमति से अंतिम निर्णय पर पहुंच सकें। अमेजन के सीनियर वकील गोपाल सुब्रमणियन ने कहा कि हम एक सोल्यूशन दे रहे हैं जिसके जरिए इसे हल किया जा सकता है।

15 मार्च को फिर होगी सुनवाई
जैसा कि सुप्रीमकोर्ट ने अमेजन और फ्यूचर दोनों पक्षों को 12 दिन का समय दिया है और इसके बाद अब इस मामले में 15 मार्च को फिर से सुनवाई होगी। तब तक तीनों पार्टियां रिलायंस, अमेजन और फ्यूचर रिटेल को सेटलमेंट का रास्ता निकालने को कहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में फ्यूचर रिटेल की ओर से सीनियर वकील हरीश साल्वे और फ्यूचर कूपन की ओर से मुकुल रोहतगी सोल्यूशंस का प्रस्ताव लेकर पेश हुए थे। उन्होंने भी मामले को आपसी सहमति से निपटाने पर अपनी रजामंदी जाहिर की। चीफ जस्टिस एन.वी. रमना ने कहा कि हम इस मामले को 10 दिन के लिए टाल रहे हैं। तब तक इससे जुड़े सभी पक्ष इसे समझ लें और रास्ता निकालें। 
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अमेजन-फ्यूचर के बीच क्या है विवाद
अमेजन ने 2019 में 1500 करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन (फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी) में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इस डील के तहत अमेजन को 3 से 10 साल के अंदर फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने का भी अधिकार मिल गया था, लेकिन 2020 में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को रिलायंस रिटेल को 24,713 करोड़ रुपये में बेचने की घोषणा कर दी। अमेजन की ओर से इस डील पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद से यह विवाद खड़ा हो गया। गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 18 दिसंबर के आदेश ने अमेजन द्वारा प्रासंगिक जानकारी का खुलासा न करने पर 2019 में हुए अमेजन- फ्यूचर के लिए सौदे की सीसीआई की मंज़ूरी को निलंबित कर दिया था। सीसीआई ने अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। 

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