भारत के साथ व्यापार समझौता होने की संभावना है लेकिन ब्रिटेन इसे किसी समयसीमा में नहीं बांधना चाहता। ब्रिटेन की वाणिज्य व व्यापार मंत्री केमी बेडनॉख ये बातें कही है। मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के लिए ब्रिटेन की प्रभारी मंत्री ने ब्रिटेन की उदारीकृत व्यवस्था की तुलना में भारत की 'संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था' को लंबी चर्चा का एक कारण बताया।
बेडनॉख ने गुरुवार को थिंक टैंक चैथम हाउस में एक वैश्विक व्यापार सम्मेलन के दौरान जोर देकर कहा कि वह सिर्फ चुनाव से पहले एक "व्यावसायिक रूप से सार्थक" समझौता सुनिश्चित करना चाहती हैं। बेडनॉख ने दावा किया, "भारत अब भी संरक्षणवादी है जबकि हम बहुत, बहुत उदार हैं। मुझे सिर्फ एक तस्वीर लेने और आगे बढ़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह कुछ ऐसा होना चाहिए जो व्यावसायिक रूप से सार्थक हो। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि समझौता वैसा ही हो जैसा ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ हुआ।"
भारत के साथ वार्ता को अंतिम रूप देने की समयसीमा पर बेडनॉख ने कहा, "हम वास्तव में भारत में होने वाले चुनाव से पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। मुझे संदेह है कि जरूरी नहीं कि ऐसा ही हो क्योंकि मैं किसी भी चुनाव को समय सीमा के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहती।" उन्होंने कहा कि यह बहुत संभव है कि हम हस्ताक्षर कर सकते हैं लेकिन मैं इसे किसी समयसीमा में नहीं बांध रही हूं।
भारत और ब्रिटेन 36 बिलियन पाउंड के द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिये जनवरी 2022 से मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच 13वें दौर की वार्ता पिछले साल 15 दिसंबर को संपन्न हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को उम्मीद थी कि चल रहा चौदहवां दौर एक समझौते के साथ समाप्त होगा।
ब्रिटेन चाहता है कि भारत ब्रिटेन के खाद्य पदार्थों, कारों और व्हिस्की जैसे निर्यात पर शुल्क में उल्लेखनीय कमी करे जो वर्तमान में 150 प्रतिशत तक हो सकता है। बदले में भारत व्यापार वीजा पर ब्रिटेन में अस्थायी रूप से स्थानांतरित भारतीय श्रमिकों पर लागू नियमों की निष्पक्षता से चिंतित है, जिन्हें यूके पेंशन या सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए पात्रता नहीं मिलने के बावजूद राष्ट्रीय बीमा का भुगतान करना पड़ता है।
व्यापार सम्मेलन में अपने मुख्य भाषण में, बेडनॉख ने कहा, "मुझे विकासशील देशों से माल के आयात को अपनाने के लिए सही संतुलन बनाना होगा ताकि उन्हें गुणवत्ता और सुरक्षा पर उच्च मानकों को बनाए रखने की जरूरत के साथ बढ़ने में मदद मिल सके। इसकी ब्रिटिश लोग उम्मीद करते हैं। हम चुनाव करते हैं।
बेडनॉख ने कहा, "हमारे मुक्त व्यापार समझौते हमें सही विकल्प बनाने में मदद कर रहे हैं क्योंकि वे सभी विविधीकरण और लचीलापन की बात करते हैं। ऐसा ही हिंद-प्रशांत में झुकाव के संबंध में भी किया जाएगा। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि तथ्य सामने हों। भारत और ब्रिटेन दोनों देशों में इस साल आम चुनाव हैं। दोनों पक्षों के नेताओं चुनाव अभियान के मोड में आने से पहले एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोशिश में जुटे हैं।