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FM Sitaraman: आईएफएम मीटिंग में सीतारमण का बड़ा बयान, कहा- दुनिया भर में बढ़ते कर्ज संकट को दूर करने की जरूरत

Thu, 13 Apr 2023 12:12 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्लोबल सॉवरिन डेट राउंडटेबल मीटिंग में यह टिप्पणी की, इस मीटिंग में आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने स्प्रिंग मीटिंग्स 2023 के मौके पर भाग लिया।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : ANI
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि दुनिया भर में बढ़ते कर्ज संकट को दूर करने के लिए जी-20 सहित वर्तमान वैश्विक प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है, साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर ऋण पारदर्शिता और सूचना-साझाकरण पर जोर दिया।

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केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्लोबल सॉवरिन डेट राउंडटेबल मीटिंग में यह टिप्पणी की, इस मीटिंग में आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने स्प्रिंग मीटिंग्स 2023 के मौके पर भाग लिया।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि जी20 में भारत की अध्यक्षता के लिए प्राथमिकता के रूप में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि दुनिया भर में बढ़ते कर्ज संकट को दूर करने के लिए जी20 सहित वर्तमान वैश्विक प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है। 
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वहीं इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन डीसी में आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ से मुलाकात की थी इस दौरान उन्होंने वित्तीय क्षेत्र के समस्या, मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक विखंडन के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के प्रमुख नकारात्मक जोखिमों पर मौद्रिक निकाय की चिंताओं पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने चीन को लेकर भी चर्चा की।

बाधाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा भारत विश्व मंच पर नई भूमिका के लिए तैयार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को आजादी के अमृत काल में विश्व मंच पर नई भूमिका के लिए तैयार बताते हुए कहा, नए भारत की अब वैश्विक स्वीकृति है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में शामिल होने अमेरिका गईं सीतारमण ने 'भारत के दशक में निवेश' विषय पर गोलमेज सम्मेलन में कहा, कोविड-19 के बाद पूरी दुनिया रीसेट हो रही है। इस वास्तविक और वैश्विक बाधा के बाद भी भारत बिना रुके तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि भारत तरक्की का पर्याय बन गया है।

2023-24 के केंद्रीय बजट में किए सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण उपायों को अपनाने की भारत रफ्तार दुनिया से दोगुनी है। इसका लोगों के जीवन पर स्थायी प्रभावी पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि डिजिटलीकरण अभियान के तहत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई)  संविधान की अनुसूचित ज्यादातर भाषाओं में उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, सरकार सहयोग और निवेश के भरपूर अवसर देते हुए एक मजबूत और गतिशील भारत के निर्माण के लिए आर्थिक व शासन सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। फिक्की के अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा ने कहा, भारत खास कारोबारी माहौल देने में सक्षम है। इस दौरान यूएसआईएसपी के सीओओ गौरव वर्मा ने भी संबोधित किया। 

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