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काम की बात: पीएफ खाते पर मुफ्त बीमा समेत पांच फायदे, आसानी से मिल सकेगा हर तरह का लोन

Mon, 14 Mar 2022 06:38 AM IST
देव कश्यप कालीचरण, नई दिल्ली।

सार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 2021-22 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया है। इसके बाद भी पीएफ खाते में निवेश पर मिलने वाला ब्याज अन्य बचत योजनाओं के मुकाबले ज्यादा है। पीएफ खाते में योगदान पर खाताधारकों को कई सुविधाएं मिलती हैं। पूरी जानकारी देती कालीचरण की रिपोर्ट-
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पीएफ। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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निवेश सलाहकार बलवंत जैन का कहना है कि सरकार ने पीएफ जमा पर ब्याज दर घटाकर अंशधारकों (खाताधारक) को भले ही होली से पहले झटका दिया है, लेकिन यह अब भी कई मायने में फायदेमंद है।

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7 लाख तक मुफ्त बीमा बंद खातों पर भी ब्याज
खास बात है कि पीएफ खाता खुलते ही अंशधारकों को इंप्लाइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (ईडीएलआई) योजना के तहत सात लाख रुपये तक मुफ्त बीमा मिलता है। इस योजना का मकसद पीएफ खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्य को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। पहले यह बीमा की रकम 6 लाख रुपये थी।

इसके अलावा, पीएफ खाताधारकों को बंद पड़े खातों पर भी ब्याज मिलता है। अगर आपका पीएफ खाता तीन साल से अधिक समय से निष्क्रिय है तो भी आपको ब्याज मिलता रहेगा। यह बदलाव 2016 में ईपीएफओ की ओर से किया गया है। इससे पहले तीन साल तक पीएफ खाता निष्क्रिय रहने पर ब्याज नहीं मिलता है।
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सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन
एक पीएफ खाताधारक 58 साल की उम्र के बाद पेंशन पाने का हकदार हो जाता है। इसके लिए पीएफ खाते में कम-से-कम 15 साल तक हर महीने योगदान करना जरूरी है। ईपीएफओ नियमों के तहत कर्मचारी के बेसिक वेतन के साथ डीए का 12 फीसदी का हिस्सा पीएफ खाते में जाता है। कंपनी भी इतना ही योगदान करती है। इसका 3.67 फीसदी हिस्सा कर्मचारी के पीएफ खाते में जाता है, जबकि 8.33 फीसदी पेंशन योजना में।

आसानी से मिल सकेगा हर तरह का लोन
आपातकालीन स्थिति में खाताधारक अपने पीएफ खाते में जमा राशि पर लोन ले सकता है। इस पर उसे पीएफ जमा पर मिलने वाले ब्याज से एक फीसदी ज्यादा इंट्रेस्ट का भुगतान करना होगा। यह लोन तीन साल के लिए होता है।

होम लोन के पुनर्भुगतान के लिए आप अपने पीएफ खाते में जमा रकम का 90 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं। जमीन खरीदने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
बीच में कर सकते हैं निकासी : जरूर पड़ने आप अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकते हैं। कर्मचारी अगर किसी कंपनी में पांच साल तक अपनी सेवाएं दे देता है तो पीएफ खाते से निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इससे कम समय तक नौकरी करने पर पीएफ निकासी पर 10 फीसदी टीडीएस के साथ टैक्स का भुगतान करना पड़ता है।

कर बचाने में मददगार
पीएफ में निवेश पर टैक्स भी बचा सकते हैं। पुराने टैक्स स्लैब में अपने पीएफ खाते में सालाना 1.50 लाख रुपये तक योगदान पर आयकर कानून की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं। नए स्लैब में यह सुविधा नहीं है।

कटौती के बाद भी निवेश का बेहतर विकल्प
ब्याज दर में कटौती के बावजूद पीएफ खाते में निवेश करना बेहतर विकल्प है। इस पर मिलने वाला ब्याज अब भी सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र, एनएससी, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि योजनाओं के मुकाबले ज्यादा है। संशोधित दर पीपीएफ पर मिलने वाले 7.1 फीसदी के ब्याज से अब भी एक फीसदी ज्यादा है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार

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