वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार का जोर मजबूत आर्थिक सुधार पर है। बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए बजट प्रस्तावों से अर्थव्यवस्था पर तेजी आएगी और इस पर गुणात्मक असर पड़ेगा। देश की आर्थिक राजधानी में बजट बाद चर्चा के दौरान सीतारमण ने कहा कि यह बजट ऐसे समय में बनाया गया है, जब अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर रही है। इसलिए हम एक सतत या टिकाऊ सुधार चाहते हैं।
चर्चा के दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि बजट में प्राथमिकता के आधार पर अर्थव्यवस्था के टिकाऊ सुधार और एक अनुकूल टैक्स व्यवस्था के बारे में व्यापक संदेश दिया गया है। प्रौद्योगिकी की मदद से सरकार कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित लोगों की मदद कर पाई है। सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि शिक्षा और कृषि क्षेत्र में कैसे डिजिटल समाधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। महामारी के दौरान इन दोनों क्षेत्रों में काफी तेजी देखने को मिली है। कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार को बढ़ाना देना चाहती है। स्टार्टअप कंपनियों को भी समर्थन मिलना जारी रहेगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, 2022-23 में विकास दर 9.27 फीसदी रहने का अनुमान है।
ग्राहकों की सुविधाओं पर ध्यान दें बैंक, कर्ज देने में ढिलाई न बरतें
उद्योग प्रतिनिधियों संग बैठक में वित्तमंत्री ने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि कर्ज लेने वालों के लिए प्रक्रिया को अधिक आसान बनाया जा सके। लेकिन, यह प्रतिकूल जोखिम लेने की सीमा तक न हो यानी ग्राहकों को कर्ज देने के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।
-राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि बैंकों को अधिक कर्ज देने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन करने की जरूरतों के बारे में अवगत होने की जरूरत है। कंपनियों के बही-खाते अब बेहतर स्थिति में हैं।
स्टार्टअप को मिलेगा आसान कर्ज
स्टार्टअप को बाधा रहित कर्ज देने के सवाल पर एसबीआई चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा कि स्टार्टअप की चिंता ज्यादा इक्विटी को लेकर है। उन्होंने पर्याप्त इक्विटी होने पर कर्ज देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि एसबीआई अगले दो महीने में पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगा। इससे चीजें आसान हो जाएंगी।
कंपनियों के बोर्ड में शामिल होने में महिलाओं में हिचक
सीतारमण ने कहा कि कंपनियों के बोर्ड में शामिल होने में महिलाओं में हिचक कायम है, जो चिंताजनक है। महिला उम्मीदवारों को इसके लिए राजी करने में खुद उन्हें भी दिक्कत हुई है। उन्होंने कहा कि हमें बोर्ड में उनके अनुभव की जरूरत है। मुझे उस तरह की महिलाओं के बारे में बताइए, जिन्हें बोर्ड में शामिल किया जा सकता है। ऐसी महिलाएं कहां हैं? कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, देश की शीर्ष-1,000 कंपनियों को अपने बोर्ड में कम-से-कम एक स्वतंत्र महिला निदेशक को शामिल करना जरूरी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में इस समय आधे से अधिक सदस्य महिलाएं हैं।
9.2 फीसदी दर से बढ़ रही जीडीपी, विनिर्माण चैंपियन बनेगा भारत : कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कहना है कि अर्थव्यवस्था 9.2 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में भी वृद्धि की यह रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है। उभरते क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अगले पांच साल में देश का उत्पादन 520 अरब डॉलर बढ़ेगा। भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनेगा।
ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में कांत ने कहा कि देश ने दक्षता को अधिकतम करने के लिए कई उपाय किए हैं। सरकार ने कई सुधार किए हैं। इसमें जीएसटी, दिवालिया ऋणशोधन अक्षमता कानून और कॉरपोरेट करों को कम करना आदि शामिल हैं। इससे भारत को दुनिया में विनिर्माण के क्षेत्र में चैंपियन बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सफलता के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना जरूरी है। भारत पहले ही इसके लिए उपयुक्त परिवेश बनाने में सफल रहा है। आज देश में 81.4 करोड़ इंटरनेट यूजर्स और 85 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) हैं।