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ईडी का पलटवार: Xiaomi के आरोपों को बताया निराधार, कंपनी के बैंक खातों में जमा 5551 करोड़ रुपये किए गए थे जब्त

Mon, 09 May 2022 12:34 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीनी कंपनी शाओमी इंडिया ने आरोप लगाया था कि पिछले दिनों पूछताछ के दौरान ईडी ने उनके वरिष्ठ अधिकारियों को धमकाया था और उनके साथ शारीरिक हिंसा की थी। बीती चार मई को चीनी कंपनी के अधिकारियों ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। अब इस पर ईडी की ओर से बड़ा बयान आया है।
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विस्तार
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चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी  Xiaomi India की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर एजेंसी ने सोमवार को बयान जारी किया है। इसमें शाओमी के आरोपों को खारिज करते हुए ईडी ने कहा है कि उसके अधिकारियों के बयानों को गलत रूप से लिया गया। 

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कार्रवाई के बाद दर्ज कराई शिकायत
एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जब्ती की कार्रवाई के बाद कंपनी ने सोच-समझकर इस तरह के गलत आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि कंपनी ने आरोप लगाया था कि पिछले दिनों पूछताछ के दौरान ईडी ने उनके वरिष्ठ अधिकारियों को धमकाया था और उनके साथ शारीरिक हिंसा की थी। बीती चार मई को चीनी कंपनी के अधिकारियों ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। 

5551 करोड़ रुपये जब्ती का मामला
यहां बता दें कि स्मार्टफोन निर्माता चीनी कंपनी Xiaomi पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसते हुए बीती 29 अप्रैल को बड़ी कार्रवाई की थी। इसके तहत ईडी ने कंपनी के बैंक खातों में जमा शाओमी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 5551.27 करोड़ रुपये जब्त कर लिए थे। ईडी ने कंपनी द्वारा किए गए गोरखधंधे में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। 
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एमआई ब्रांड के साथ भारत में कारोबार
गौरतलब है कि कंपनी भारत में एमआई (MI) और रेडमी (Redmi) ब्रांड नाम के तहत मोबाइल फोन का कारोबार करती है। ईडी ने शनिवार को की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शाओमी इंडिया चीन स्थित शाओमी ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। एजेंसी ने कहा कि फरवरी 2022 में चीनी फर्म द्वारा विदेश भेजे गए कथित अवैध प्रेषण के संबंध में कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। इसके बाद विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) की संबंधित धाराओं के तहत खातों में जमा राशि की जब्ती की गई है।

2015 से पैसे भेजना शुरू किया
रिपोर्ट के मुताबिक, Xiaomi इंडिया ने वर्ष 2014 में देश में अपना परिचालन शुरू किया था और वर्ष 2015 से बाहर पैसे भेजना शुरू कर दिया था। कंपनी ने तीन फॉरेन बेस्ड कंपनियों को रॉयल्टी की आड़ में 5551.27 करोड़ रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा का प्रेषण किया। इन कंपनियों में शाओमी समूह की एक एंटिटी का नाम भी शामिल है। रॉयल्टी के नाम पर ये भारी-भरकम राशि शाओमी ग्रुप की एंटिटीज के निर्देश पर भेजी गई थी, जबकि अन्य दो कंपनियां अमेरिकी थीं। 

तीनों कंपनियों की नहीं लीं सेवाएं
ईडी ने अपने बयान में कहा कि शाओमी इंडिया मोबाइल फोन के निर्माण से लेकर उसके वितरण तक की जिम्मेदारी संभालती रही, जबकि उसने इन तीनों विदेशी कंपनियों से कभी कोई सेवा नहीं ली। लेकिन, इन कंपनियों को पैसे जरूर भेजे जाते रहे। कंपनी ने रॉयल्टी के नाम पर विदेश में इतनी बड़ी राशि भेजी, जो फेमा की धारा 4 का सीधा उल्लंघन है। कंपनी की ओर से विदेशों में पैसा भेजने को लेकर बैंकों को भी गलत जानकारी मुहैया कराई गई। 

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