प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), वरिष्ठ नौकरशाहों और नेताओं के करीबी के रूप में खुद को पेश कर कई लोगों से ठगी करने के आरोप में कथित ठग संजय प्रकाश राय उर्फ संजय शेरपुरिया के खिलाफ धनशोधन रोधी कानून के तहत आरोपपत्र दायर किया है। ईडी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ईडी के अनुसार, राय ने 16 फरवरी, 2019 को कंपनी अधिनियम के तहत वाईआरईएफ को एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में शामिल किया और वाईआरईएफ का पंजीकृत पता उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के पोस्ट सहेरी के करैला गांव में था। हालांकि, वाईआरईएफ की वास्तविक परिचालन गतिविधियां मकान नंबर एक, दिल्ली राइडिंग क्लब, सफदरजंग रोड, नई दिल्ली से की जा रही हैं, जो राय का आवासीय पता भी है। एजेंसी ने कहा कि हालांकि राय वाईआरईएफ में किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन वह कंपनी के दिन-प्रतिदिन के मामलों को नियंत्रित करते हैं और अंतिम लाभार्थी हैं।
छह करोड़ रुपये का भुगतान राय को डालमिया फैमिली ऑफिस ट्रस्ट से वाईआरईएफ में दान के रूप में मिला था। राय पर आरोप है कि उन्होंने डालमिया फैमिली ऑफिस ट्रस्ट से प्राप्त छह करोड़ रुपये के भुगतान के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार किए ताकि लेन-देन की वास्तविक प्रकृति को छिपाया जा सके।
वाईआरईएफ के खाते में प्राप्त छह करोड़ रुपये के अलावा, राय को डालमिया से छह करोड़ रुपये की राशि "नकद" में मिली थी, जिसे बाद में पुराने आभूषणों की बिक्री की आड़ में दिल्ली स्थित कुछ आभूषण विक्रेताओं से आवास (हवाला) प्रविष्टियों के रूप में उनके बेटों यश संजयप्रकाश राय और सुजल संजयप्रकाश राय के बैंक खातों में रखा गया था।
ईडी के अनुसार एक अन्य मामले में राय पर आरोप है कि उसने शिप्रा एस्टेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहित सिंह को वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों के साथ अपने संपर्क दिखाकर धोखा दिया और झूठे वादे करके उनसे एक करोड़ रुपये ठगे। ईडी ने आरोप लगाया है कि एक करोड़ रुपये का भुगतान 'दान की आड़ में' वाईआरईएफ के बैंक खाते में किया गया। राय ने बिंदु फैशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक नवीन कुमार मल्होत्रा से एक करोड़ रुपये और मेटाडिजाइन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सुनील चंद गोयल से 51.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ईडी ने इससे पहले राय की 14.54 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की थी।