प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मदुरै स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर राज्य सरकार के निगरानी और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के उन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है, जिन्होंने इस सप्ताह उसके परिसरों की तलाशी ली थी।
प्रवर्तन निदेशालय, मदुरै के उप-क्षेत्रीय कार्यालय में सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत बृजेश बेनीवाल ने शीर्ष पुलिस अधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि राज्य भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने ईडी कार्यालय में घुसकर अवैध रूप से तलाशी ली और संवेदनशील दस्तावेज चुरा लिए।
तमिलनाडु के डीजीपी शंकर जिवाल को की गई शिकायत में ईडी ने भ्रष्टाचार रोधी टीम और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि तलाशी न केवल अवैध बल्कि दुर्भावनापूर्ण थी।
केंद्रीय एजेंसी ने तमिलनाडु के भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों पर विभिन्न संवेदनशील मामलों के रिकॉर्ड चुराने, विभिन्न मामलों के रिकॉर्ड अवैध रूप से खंगालने और मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध प्रतियां लेने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से कई जांच प्रभावित हो सकते हैं।
बता दें कि तमिलनाडु के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) के अधिकारियों ने रिश्वत के एक मामले में ईडी अधिकारी अंकित तिवारी को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार दोपहर मदुरै में प्रवर्तन निदेशालय के उप-क्षेत्रीय कार्यालय में तलाशी शुरू की और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे।
वर्तमान में मदुरै में तैनात 2016 बैच के अधिकारी तिवारी को शुक्रवार को राज्य के डिंडीगुल जिले में एक डॉक्टर से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। डिंडीगुल-मदुरै राजमार्ग पर कई किलोमीटर तक पीछा करने के बाद ईडी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।
तमिलनाडु के शीर्ष पुलिस अधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस कर्मी होने का दावा करने वाले सादे कपड़ों में 20 लोग मीडिया और भीड़ के साथ ईडी कार्यालय में जबरन घुस आए थे। उन्होंने कहा, "जब हमने उनसे पहचान पत्र और आने का उद्देश्य पूछा तो वे कोई पहचान पत्र दिखाने में कतरा रहे थे और अंदर घुस गए। इस दौश्रान केवल एक अधिकारी एम सत्यसीलन, पुलिस उपाधीक्षक, वी एंड एसी, मदुरै विभाग ने अपना परिचय दिया। अधिकारियों ने कोई तलाशी वारंट नहीं दिखाया।"
ईडी अधिकारी के पत्र में कहा गया है, "तथाकथित पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं थे और बिना बैज के थे। इसके बाद ये 35 लोग 1 दिसंबर 2023, को दोपहर 2.30 बजे से 2 दिसंबर, 2023 की सुबह 7.15 बजे तक लगातार प्रवर्तन निदेशालय, मदुरै के कार्यालय में रहे। इस दौरान हमें बार-बार, हमने इतने सारे लोगों की उपस्थिति पर सवाल उठाया है और बार-बार एफआईआर की प्रति, सर्च ऑथराइजेशन आईडेंटिटी और इतने लोगों के मौजूद होने की मंजूरी से संबंधित आदेश मांगा पर हमारे अनुरोध को अनसुना कर दिया गया।" ईडी अधिकारी ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उन मामलों की फाइलों से भी छेड़छाड़ की जिनका उस कथित मामले से कोई संबंध नहीं है, जिसके लिए तलाशी का आदेश दिया गया था।