प्रवर्तन निदेशालय ने हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी अध्यक्ष पवन कांत मुंजाल और कुछ अन्य लोगों पर छापे के बाद 25 करोड़ रुपये कीमत की विदेशी व भारतीय मुद्राएं, सोने व हीरे के आभूषण जब्त किए। इसके अलावा कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए। ईडी ने मंगलवार को कुछ अन्य संस्थाओं के अलावा दिल्ली और गुरुग्राम में 69 वर्षीय अरबपति व्यवसायी के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा था।
ईडी ने बुधवार को बताया कि एक थर्ड पार्टी सेवा प्रदाता कंपनी साल्ट एक्सपीरियंस एंड मैनेजमेंट प्रा.लि. (एसईएमपीएल) ने 2014-2015 से 2018-2019 की अवधि के दौरान विभिन्न देशों में लगभग 54 करोड़ रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा का अवैध रूप से निर्यात किया, इस रकम का इस्तेेमाल अंतत: पीके मुंजाल के निजी खर्चों के लिए किया गया।
ईडी का आरोप है कि एसईएमपीएल ने अपने अधिकारियों/कर्मचारियों जैसे हेमंत दहिया, मुदित अग्रवाल, अमित मक्कड़, गौतम कुमार, विक्रम बजाज और केतन कक्कड़ के नाम पर वार्षिक अनुमेय सीमा से अधिक लगभग 14 करोड़ की विदेशी मुद्रा जारी की। विभिन्न वित्तीय वर्षों में यह रकम करीब 2,50,000 अमेरिकी डॉलर थी। एसईएमपीएल ने उन अन्य कर्मचारियों के नाम पर भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा/यात्रा विदेशी मुद्रा कार्ड निकाले हैं, जिन्होंने कभी विदेश यात्रा भी नहीं की थी।
जांच में पाया गया कि पीके मुंजाल के प्रमुख सहयोगियों में से एक ने उनकी व्यक्तिगत या व्यावसायिक विदेश यात्राओं के दौरान पीके मुंजाल के खर्चों को पूरा करने के लिए लगभग 40 करोड़ की विदेशी मुद्रा का अवैध रूप से निर्यात किया था। ईडी ने छापों के दौरान पवन मुंजाल, हेमंत दहिया, केआर रमन, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों से लगभग 25 करोड़ रुपये की विदेशी और भारतीय मुद्रायें, सोने और हीरे के आभूषणों के अलावा कुछ दस्तावेज जब्त किये।
यह जांच राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंजाल के कथित करीबी एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत से उपजी है, जिसके खिलाफ अघोषित विदेशी मुद्रा रखने के आरोप में जांच की गई थी। आयकर विभाग ने कर चोरी की जांच के सिलसिले में पिछले साल मार्च में मुंजाल और उनकी कंपनी हीरो मोटरकॉर्प पर छापा मारा था।
हीरो मोटोकॉर्प 2001 में एक कैलेंडर वर्ष में यूनिट वॉल्यूम बिक्री के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया निर्माता बन गई, और पिछले लगातार 20 वर्षों से इस खिताब को बनाए रखा है। कंपनी की एशिया, अफ्रीका और दक्षिण और मध्य अमेरिका के 40 देशों में उपस्थिति है।