प्रवर्तन निदेशालय ने आरई केबल्स बैंक फ्रॉड केस में खगेश कचवाल और वाराणसी दिलीफ को बीते 25 जून को गिरफ्तार किया है। स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उनकी आठ दिनों की ईडी कस्टडी को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जारी की गई है।
वहीं ईडी ने ‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन और अन्य की 173.48 करोड़ रुपये की चल व अचल संपत्ति अटैच की है। एजेंसी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत की है। एजेंसी ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों में तमिलनाडु में मौजूद बैंक खाते और जमीनें हैं। ये संपत्तियां मार्टिन के साथ उनकी विभिन्न कंपनियों के नाम पर हैं।
ईडी ने सीबीआई की कोचीन शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मार्टिन और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि एमजे एसोसिएट्स के साझेदारों, एस मार्टिन और एन जयमुरुगन ने एक अप्रैल 2009 से 31 अगस्त 2010 की अवधि के दौरान प्राइज विनिंग टिकट के नाम पर सिक्किम सरकार को 910.29 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाकर इतनी ही रकम का गैरकानूनी फायदा हासिल किया।
अचल संपत्तियों में किया निवेश
मार्टिन और अन्य ने इस रकम का निवेश अचल संपत्तियों में किया। साथ ही इन लोगों ने अपने परिजनों के नाम या उनके जरिये विभिन्न कंपनियां खड़ी कीं। यह कार्यवाही मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आती है। अब तक 278 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। मार्टिन के विभिन्न बैंक खातों में 20.22 करोड़ की रकम थी। इसके अलावा अटैच की गई अचल संपत्तियों की कीमत करीब 153.26 करोड़ रुपये है।
टीआरएस सांसद के मधुकॉन समूह की 96 करोड़ की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय ने टीआरएस सांसद व लोकसभा में पार्टी के नेता एन नागेश्वर राव की निर्माण कंपनी मधुकॉन समूह की 96.21 करोड़ रुपये की अचल व अन्य संपत्तियां अटैच की हैं। ईडी के मुताबिक यह संपत्तियां समूह की कंपनियां, उसके निदेशकों और प्रवर्तकों के नाम पर हैं। ईडी ने संपत्ति अटैच करने की घोषणा उस वक्त की जब नागेश्वर राव सीएम केसीआर के साथ विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के समर्थन में हो रही बैठक में मौजूद थे। राव हवाईअड्डे पर सिन्हा का स्वागत करने और उसके बाद कार्यक्रम में मंच पर भी मौजूद थे। ईडी ने बयान जारी किया कि यह कार्रवाई मधुकॉन समूह की कंपनी रांची एक्सप्रेसवे लिमिटेड के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है। ईडी ने हैदराबाद, पश्चिम बंगाल और विशाखापत्तनम, आंध्रप्रदेश के प्रकाशम और कृष्णा जिले में 88.85 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अटैच की है। इसके अलावा मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रवर्तकों के शेयर समेत 7.36 करोड़ रुपये की चल संपत्ति भी अटैच की।
भ्रष्टाचार के आरोप में दो आयकर अधिकारियों समेत चार गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश की दो घटनाओं में रिश्वत लेने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। तेलंगाना के हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सीबीआई ने अतिरिक्त आयकर आयुक्त कार्यालय में काम करने वाले दो वरिष्ठ टैक्स सहायकों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उन्होंने षड्यंत्र रचकर टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये मांगे थे। बाद में वह 60 हजार रुपये पर राजी हो गए। एक को 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। दूसरे को 20 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किए गए थे।
उधर, सीबीआई ने मध्य प्रदेश में उपरिया जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नवरोजाबाद शाखा के कृषि क्षेत्र अधिकारी (एएफओ) और एक अन्य व्यक्ति को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा। एक व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि वह बैंक से स्वीकृत पांच लाख का कर्ज जारी कराने के लिए एएफओ के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। दोनों आरोपियों को जाल बिछाकर पकड़ा गया।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चेन्नई के श्रावना स्टोर्स की 234 करोड़ की संपत्ति अटैच
तमिलनाडु में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 234 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच की। संघीय जांच एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि मामला चेन्नई के श्रावना स्टोर्स (गोल्ड पैलेस) से जुड़ा था।
इस मामले में 234.75 करोड़ की संपत्ति अटैच करने के आदेश थे। कंपनी पर इंडियन बैंक से धोखाधड़ी करने का आरोप है। बयान के मुताबिक दिवंगत पल्लाकुदुरई, पी सुजाता और वाईपी सिरावन, श्रावना स्टोर्स के साझेदार और अज्ञात लोकसेवकों व अन्य ने मिलकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की। ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच सीबीआई की ओर से 25 अप्रैल को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक से ऋण हासिल किया था।