नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों और यात्रियों को राहत देते हुए 85 फीसदी यात्री क्षमता के साथ हवाई सफर की अनुमति दे दी है। कोरोना वायरस महामारी के मामलों में आई कमी के चलते यह छूट दी गई है। पहले यह क्षमता 72.5 फीसदी थी। इतना ही नहीं, सरकार ने न्यूनतम और अधिकतम किराए को लेकर भी कुछ बदलाव किए हैं।
15 दिन लागू रहेगी किराए की सीमा
हवाई किराए की न्यूनतम और अधिकतम सीमा को लेकर भी बदला किए हैं। न्यूनतम और अधिकतम सीमा अब महीने में सिर्फ 15 दिन ही लागू रहेगी। यह सीमा महीने में किसी भी समय 15 दिन तक लागू होगी और फिर 16वें दिन से बिना किसी सीमा के विमानन कंपनियां किराया ले सकेंगी।
साल 2020 में सरकार ने तय की थी ऊपरी और निचली सीमा
पिछले साल देश में जब लॉकडाउन लगा था, तब सरकार ने हवाई किराए की सीमा तय की थी। हवाई सफर पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते कम संख्या में उड़ानें चल रही थीं और ऐसे में कंपनियां टिकट के लिए ज्यादा पैसा वसूल रही थीं। इसलिए 15 दिन की निचली और ऊपरी सीमा तय की गई थी।
कितनी है न्यूनतम और अधिकतम किराए की सीमा ?
इस साल हवाई किराए में चार बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। वर्तमान प्राइस बैंड के हिसाब से 40 मिनट से कम की उड़ान के लिए न्यूनतम किराया 2,900 रुपये और अधिकतम किराया 8,800 रुपये है। इसी तरह 40 से 60 मिनट तक की उड़ानों के लिए न्यूनतम किराया 3,700 रुपये और अधिकतम किराया 11,000 रुपये है और 60 से 90 मिनट तक की उड़ानों के लिए न्यूनतम किराया 5,062 रुपये और अधिकतम किराया 13,200 रुपये है। वहीं उच्चतम अवधि यानी 180 से 210 मिनट तक की उड़ानों के लिए न्यूनतम किराया 9,800 रुपये और अधिकतम किराया 27,200 रुपये है ।