DGCA: नियामक की ओर से पिछले साल 5,745 निगरानी गतिविधियों को अंजाम दिया गया था, जो कि निगरानी प्रयासों को बढ़ाने के बाद सालाना लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को बताया कि उसने पिछले साल एयरलाइनों और कर्मियों के खिलाफ 542 कार्रवाई की, जो 2022 में की गई इसी तरह की कार्रवाइयों की तुलना में 77 प्रतिशत अधिक थी। 2022 में इस तरह की 305 कार्रवाई की गई थी।
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नियामक की ओर से पिछले साल 5,745 निगरानी गतिविधियों को अंजाम दिया गया था, जो कि निगरानी प्रयासों को बढ़ाने के बाद सालाना लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वर्ष 2023 के लिए महत्वपूर्ण प्रवर्तन कार्रवाइयों के रूप में एयर इंडिया के स्वीकृत प्रशिक्षण संगठन को निलंबन किया गया। इसके अलावे विभिन्न निर्देशों के गैर-अनुपालन के लिए एयर इंडिया, एयर एशिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनों पर वित्तीय जुर्माना भी लगाया गया।
नियामक ने एक विज्ञप्ति में कहा, ''दोषी पायलटों/चालक दल के सदस्यों, एटीसीओ, गैर अनुसूचित एयरलाइनों, उड़ान प्रशिक्षण संगठनों और हवाई अड्डा संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, डीजीसीए ने 5,745 निगरानी गतिविधियां कीं जिनमें 4,039 नियोजित निगरानी गतिविधियां, 1,706 स्पॉट चेक और नाइट सर्विलांस से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं, यह संख्या अब तक की सर्वकालिक संख्या है।
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डीजीसीए के अनुसार, "इसने वर्ष 2022 की तुलना में निगरानी गतिविधियों में 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि आई। निगरानी के निष्कर्षों के बाद दोषी कर्मचारियों, एयरलाइनों और अन्य ऑपरेटर्स के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की गई।"