नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सोमवार को उड़ान चालक दल के सदस्यों के लिए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (Flight Duty Time Limitations, एफडीटीएल) के संशोधित नियम जारी किए हैं। नियामक ने साप्ताहिक विश्राम अवधि बढ़ाकर 48 घंटे करने, रात के घंटे बढ़ाने और रात में उतरने वाले विमानों की संख्या छह से बढ़ाकर केवल दो करने का प्रावधान किया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये नियम एक दशक से अधिक समय से थकान से संबंधित विमानन सुरक्षा जोखिमों के प्रबंधन में सहायक रहे हैं। विमानन कंपनियों को एक जून तक संशोधित नियमों का अनुपालन करना होगा।
बयान में कहा गया है कि पायलट्स की थकान से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और उन्हें कम करने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन ऑपरेटर्स की ओर से सौंपी गई पायलट थकान रिपोर्ट के साथ बड़ी संख्या में पायलट रोस्टर एकत्र किए और उनका विश्लेषण किया।
अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर, थकान पैदा करने वाले कुछ प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई, इनमें अधिकतम उड़ान ड्यूटी अवधि, रात की ड्यूटी, साप्ताहिक आराम की अवधि, उड़ान ड्यूटी अवधि विस्तार, आदि शामिल है।
बयान के अनुसार, एयरलाइन ऑपरेटर्स, पायलट संघों और व्यक्तियों सहित विभिन्न हितधारकों से व्यापक डेटा विश्लेषण और प्रतिक्रिया के बाद संशोधित एफडीटीएल नियम तैयार किए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत में विशिष्ट परिचालन माहौल को ध्यान में रखते हुए नियमों में संशोधन करते समय दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं- अमेरिका के एफएए और यूरोपीय संघ के ईएएसए को भी ध्यान में रखा गया है। संशोधित नियमों में विमान चालक दल के सदस्यों के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे करना अनिवार्य है, जिससे थकान से उबरने के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित हो सके।