रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए साजोसामान बनाने वाले ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) को एक अक्तूबर से भंग कर दिया है। अब इसके एसेट्स, कर्मचारियों और मैनेजमेंट को सात सरकारी कंपनियों को ट्रांसफर किया जाएगा। मालूम हो कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सरकार ने 16 मई 2020 को ओएफबी में ऑटोनॉमी, अकाउंटेबिलिटी और एफिशियंसी में सुधार करने की घोषणा की थी।
सरकार ने अगले महीने से 41 प्रॉडक्शन यूनिट्स और नॉन-प्रॉडक्शन यूनिट्स का प्रबंधन, नियंत्रण, ऑपरेशंस और मेनटेनेंस सात सरकारी कंपनियों को ट्रांसफर करने का फैसला किया है। इनमें मुनिशन इंडिया लिमिटेड, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड, यंत्र इंडिया लिमिटेड, इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय की अधीनस्थ इकाई है ओएफबी
मालूम हो कि मौजूदा समय में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड एक रक्षा मंत्रालय की अधीनस्थ इकाई है। यह तीन सशस्त्र बलों और अर्धसैन्य बलों को महत्वपूर्ण हथियार व गोला-बारूद की आपूर्ति करती है।
ये है सरकार का ऑर्डर
सरकार के ऑर्डर के अनुसार, अब ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड की प्रॉडक्शन यूनिट्स और नॉन-प्रॉडक्शन यूनिट्स के सभी कर्मचारियों को नए डीपीएसयू को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक नए डीपीएसयू को सर्विस से जुड़े नियम बनाने होंगे।
भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सबसे पुरानी एवं सबसे बड़ा औद्योगिक ढांचा हैं जो रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत कार्य करती हैं। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री रक्षा हार्डवेयर ( यंत्र सामग्री ) सामान एवं उपस्कर के स्वदेशी उत्पादन के लिए सशस्त्र सेनाओं को आधुनिकतम युध्दभूमि उपस्करों से सज्जित करने के प्रारंभिक उद्वेश्यों के साथ एकनिष्ठ आधार की संरचना करती हैं।