चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस इंसानों के लिए जानलेवा तो है और ये अब चीन की अर्थव्यवस्था को भी खोखला बना रहा है। इसका असर फार्मा उद्योग के सात-साथ विमान निर्माण उद्योग पर भी पड़ रहा है। इससे अब तक 1,110 लोगों की मौत हो गई है।
प्रभावित हो रहा विमान निर्माण उद्योग
चीन में फैला कोरोनावायरस का खतरनाक संक्रमण विमान निर्माण उद्योग को भी डराने लगा है। इससे विमान बनाने वाली कंपनियो पर असर पड़ रहा है। जनवरी में बोइंग को एक भी नए विमान का ठेका नहीं मिला है।
बोइंग के उपाध्यक्ष ने दिया बयान
इस संदर्भ में बोइंग के उपाध्यक्ष (वाणिज्यिक विपणन) रैंडी टिनसेथ ने सिंगापुर एयर शो के दौरान कहा कि, 'हम अपने उपभोक्ताओं के समान कोरोनावायरस और इसके असर का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।'
इतनी रहा सकती है विमानों की बिक्री
आगे उन्होंने बताया कि इस वर्ष विमानन कार्गो कारोबार में वृद्धि स्थिर रह सकती है। विमानों की बिक्री की वृद्धि 2.5 से 2.7 फीसदी के पूर्वानुमान से कम रह सकती है।
चीन से हवाई संपर्क स्थगित
कोरोनावायरस की वजह से कई देशों और विमानन कंपनियों ने चीन से हवाई संपर्क स्थगित कर दिया है। टिनसेथ ने कहा है कि अगर माल की ढुलाई नहीं होगी और विमान नहीं उड़ेंगे, तो इस साल कार्गो बाजार में वृद्धि मुश्किल है। कारोबार में 14 महीने का संकुचन संभव है।
कंपनी ने जताया अनुमान
बोइंग के अनुमान के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी एशिया को अगले 20 साल में 710 अरब डॉलर के 4,500 नए विमानों की जरूरत पड़ सकती है। वैश्विक स्तर पर कंपनी को आगामी 20 साल में 6,800 करोड़ डॉलर के 44,040 नए वाणिज्यिक विमानों की मांग आने का अनुमान है।
प्रभावित हो सकता है भारतीय फार्मा उद्योग
बता दें कि कोरोनावायरस से भारतीय फार्मा उद्योग प्रभावित हो सकता है। वित्त वर्ष 2018-19 में चीन की दवा अवयवों के कुल भारतीय आयात में 67.56 फीसदी हिस्सेदारी थी। मूल्य के हिसाब से यह आंकड़ा 240.54 करोड़ डॉलर है। इसलिए भारतीय दवा कंपनियों की निगाह चीन में कोरोनावायरस की वजह से सक्रिय औषधि अवयवों की आपूर्ति पर पड़ने वाले असर पर है। इस संदर्भ में इंडियन फार्मास्यूटिकल्स अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा था कि, 'सभी कंपनियां इस स्थिति की निगरानी कर रही हैं। भारत की सरकार इस मामले से अवगत है। इसके लिए सभी पक्ष स्थिति से निपटने के लिए काम करने में जुटे हैं।'