ईवी बाजार में बिक्री बढ़ाने की दौड़ में ऑटो कंपनियों ने बंपर छूटों का पिटारा खोल दिया है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच दोबारा लोगों के बजट तक लौट सके। नवंबर में ईवी बिक्री 63 फीसदी उछलकर 14,700 के आंकड़े पर पहुंच गई, जो बाजार की उम्मीदों को फिर से जगाती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियों ने बड़ी छूट की शुरुआत की है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, ह्यूंडई और किआ सुस्त मांग को बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड छूट की घोषणा की हैं। 22 सितंबर से पेट्रोल और डीजल कारों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के बाद ऐसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है।
जीएसटी में कटौती के बाद कंपनियों ने उठाया कदम
यह कदम पेट्रोल और डीजल कारों पर जीएसटी में कटौती के बाद कंपनियों ने उठाया है, जिससे कीमतों में अंतर बढ़ गया है और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कम हो गई है। प्रमुख वाहन निर्माताओं ने सुस्त मांग से निपटने और मौजूदा स्टॉक को नए साल के पहले खाली करने के लिए ईवी पर साल के अंत में रिकॉर्ड छूट की पेशकश शुरू कर दी हैं।
जीएसटी दरों में कटौती के बाद कंपनियों का फैसला मॉडल छूट
टाटा कर्व आरएस 3.5 लाख
महिंद्रा एक्सईवी 9ई 3.5 लाख
जेएसडब्ल्यू एमजी कॉमेट 1 लाख
जेएसडब्ल्यू एमजी जेडएस 1.35 लाख
सीमित समय के लिए कीमतों में हुई कमी
ये कटौती सीमित समय के लिए साल के अंत में की जा रही हैं। इनका उद्देश्य इलेक्ट्रिक सेगमेंट में बाजार की गतिविधियों में सुधार लाना है। इससे बदलाव आ रहा है। इस साल नवंबर में ईवी की पहुंच घटकर 3.7% रह गई। जीएसटी में बदलाव से पहले 5 फीसदी थी। कुल वाहनों का पंजीकरण नवंबर में 20 प्रतिशत बढ़कर 3.94 लाख के पार रहा। हालांकि, लग्जरी ईवी बाजार कम छूट के साथ स्थिर बना हुआ है।