नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विभिन्न उद्देश्यों के लिए 10 संगठनों को ड्रोन का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इस संदर्भ में मंत्रालय ने बयान में कहा कि उसने इन सभी संगठनों को मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियम, 2021 से सशर्त छूट दी है। मालूम हो कि यह मंजूरी की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक वैध होगी। ये छूट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी एसओपी के नियमों और शर्तों के अधीन होगी। कुछ संगठनों को फसलों पर छिड़काव में ड्रोन के इस्तेमाल की इजाजत मिली है। वहीं आदिवासी इलाकों में हेल्थकेयर उत्पाद ड्रोन से पहुंचाने की भी इजाजत दी गई है।
आइए जानते हैं निम्नलिखित संगठनों को किस उद्देश्य से यह मंजूरी दी गई है-
- कर्नाटक सरकार- बंगलूरू में शहरी संपत्ति के स्वामित्व के रिकॉर्ड का सृजन करने के लिए ड्रोन आधारित हवाई सर्वे
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मुंबई- महाराष्ट्र के पालघर जिले में जावहर के जनजातीय क्षेत्रों में अनिवार्य स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं को प्रदान करने के लिए प्रयोगात्मक बीवीएलओएस ड्रोन उड़ानों के संचालन के लिए
- गैंगटॉक स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट- स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए ड्रोन आधारित हवाई सर्वे
- भारतीय इस्पात प्राधिकरण, इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर, पश्चिम बंगाल- संयंत्र की परिधि निगरानी करने के लिए
- एशिया प्रशांत उड़ान प्रशिक्षण अकादमी, हैदराबाद, तेलंगाना- ड्रोन का उपयोग करके दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संचालित करने के लिए
- ब्लू रे एविएशन, गुजरात- ड्रोन का उपयोग करके दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संचालित करने के लिए
- ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड, चेन्नई- फसल स्वास्थ्य का आकलन करने और फसल की बीमारी को रोकने के लिए ड्रोन आधारित हवाई छिड़काव करने के लिए
- महिंद्रा एंड महिंद्रा, मुंबई, महाराष्ट्र- तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्य में क्रमशः धान और लाल मिर्च की फसल पर ड्रोन आधारित कृषि परीक्षण और सटीक छिड़काव करने के लिए
- बेयर क्रॉप साइंस, मुंबई, महाराष्ट्र- ड्रोन आधारित कृषि अनुसंधान गतिविधियों और कृषि छिड़काव के संचालन के लिए
- भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे- आईआईटीएम भोपाल, एनडीए, पुणे, कराड हवाई अड्डा, उस्मानाबाद हवाई अड्डा और मोहम्मद एयरफील्ड, फर्रुखाबाद पर वायुमंडलीय अनुसंधान के लिए