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चंदा कोचर ने दायर की हाईकोर्ट में याचिका, कहा रिटायरमेंट की अर्जी स्वीकार कर क्यों किया बर्खास्त

Mon, 02 Dec 2019 07:22 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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chanda kochar - फोटो : file photo
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आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर ने बैंक द्वारा की गई बर्खास्तगी को अनुचित बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। चंदा कोचर का कहना है कि बैंक ने उन्हें फरवरी 2019 में टर्मिनेशन का लेटर थमा दिया, जबकि अक्टूबर 2018 में ही उनके जल्द रिटायरमेंट होने की अर्जी स्वीकार कर ली गई थी। कोचर ने 20 नवंबर को याचिका दाखिल की थी। जिस पर कोचर ने बैंक के इस कदम को गैरकानूनी बताया है। 

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बैंक ने संदीप बख्शी को बैंक का नया प्रबंध निदेशक और सीईओ बना दिया है। आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड घोटाला सामने आने के बाद से नए प्रबंध संचालक की तलाश में था। तभी से यह माना जा रहा था कि चंदा जल्द ही पद से हटाई जा सकती हैं। लेकिन चार अक्तूबर को उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ दिया था।

इस वजह से दिया था कोचर ने इस्तीफा

सीबीआई ने वर्ष 2012 में बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को दिए 3250 करोड़ रुपये के लोन और चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की संभावित भूमिका की जांच शुरू की थी। आरोप है कि वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने आईसीआईसीआई समेत बैंकों के कंसोर्टियम से अपनी कंपनी को लोन मिलने के बाद न्यूपावर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बैंक के बोर्ड द्वारा आंतरिक जांच शुरू करने के बाद कोचर ने लंबी छुट्टी ले ली थी। अब इस्तीफा देने के पीछे यही मूल कारण समझा जा रहा है।

इसमें बैंक व वीडियोकॉन समूह के बीच हुए लेनदेन, वीडियोकॉन समूह और न्यूपावर के बीच हुए कथित लेनदेन के बारे में जानकारी मांगी गई थी। न्यूपावर में बैंक की एमडी एवं सीईओ के पति दीपक कोचर के आर्थिक हित जुड़े हुए हैं। 

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