रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष में भारत के विकास दर के अपने अनुमान को घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले उसने विकास दर 6.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। क्रिसिल ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब आरबीआई की मौद्रित नीति समिति (एमपीसी) की बैठक मंगलवार से शुरू हो रही है और केंद्रीय बैंक पांच दिसंबर को नीतिगत दरों की घोषणा कर सकता है। क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 फीसदी के अनुमान के बाद सबसे कम है।
उधर, डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत की विकास दर निकट भविष्य में नीचे रह सकती है क्योंकि नरमी और गहरा गई है। यह नरमी उम्मीद के विपरीत लंबे समय तक रह सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेश में नरमी बनी हुई है, जिससे औद्योगिक उत्पादन में धीरे-धीरे तेजी आएगी।
इसके अलावा, हाल में आई बाढ़ और कृषि उत्पादन कम रहने से ग्रामीण क्षेत्र में मांग प्रभावित रह सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन से लेकर रियल एस्टेट तक दबाव में हैं, जो कंपनियों के मुनाफे और सरकार के राजस्व संग्रह पर दिख रहा है।
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के मुख्य अर्थशास्त्री अरुण सिंह ने कहा कि मंदी और गहरा गई है। भारत में घरेलू शेयर बाजार के सूचकांकों में तेजी, धीमी विकास दर, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी नीति निर्माताओं के लिए एक जटिल चुनौती है।