यस बैंक-डीएचएफएल केस (Yes Bank-DHFL Case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई (CBI) ने सोमवार को इस मामले में अविनाश भोसले और उनसे जुड़ी कंपनियों, सत्येन टंडन और अन्य के खिलाफ मुंबई सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है।
यस बैंक-डीएचएफएल केस (Yes Bank-DHFL Case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई (CBI) ने सोमवार को इस मामले में अविनाश भोसले और उनसे जुड़ी कंपनियों, सत्येन टंडन और अन्य के खिलाफ मुंबई सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। इससे पहले हाल ही में एजेंसी ने एक और चार्जशीट दाखिल कर दावा किया था कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) की मिलीभगत वाले 36,614 करोड़ रुपये में कर्ज देने में नियमों का पालन न करने के तरीके बताए हैं। सीबीआई के मुताबिक, डीएचएफएल के प्रमुख कपिल वाधवन ने धोखाधड़ी मामले में सह-आरोपी संजय छाबड़िया की कंपनियों बिना नियमों का पालन किए 400 करोड़ रुपये का लोन मुहैया कराया।
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मुंबई से किया था गिरफ्तार
गौरतलब है कि भोसले को यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यस बैंक और डीएचएफएल घोटाले के तार महाराष्ट्र के दूसरे बड़े बिल्डरों से तो नहीं जुड़े हैं। एजेंसी ने इस मामले में 30 अप्रैल को राज्य के कुछ बड़े बिल्डरों के परिसरों की तलाशी भी ली थी।
क्या है मामला
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक यह घोटाला 2018 में अप्रैल से जून के बीच शुरू हुआ था, जब यस बैंक ने डीएचएफएल के अल्पावधि ऋणपत्रों में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बदले में वधावन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिजनों को 600 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। ये रकम डीओआईटी अर्बन वेंचर्स (इंडिया) प्रा.लि. को कर्ज के रूप में दी गई थी। एफ्रआईआर में ये भी कहा गया था कि कपूर की बेटियों- रोशनी, राधा और राखी की डीओआईटी में 100 फीसदी हिस्सेदारी हैं।