एयर इंडिया-इंडियन एयरलाइंस विलय मामले में सीबीआई की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार को भाजपा से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से माफी मांगने को कहा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने संप्रग काल में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद गठित कंपनी एनएसीआईएल द्वारा विमान पट्टे पर देने में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है क्योंकि उसे 'किसी तरह की गड़बड़ी का कोई साक्ष्य' नहीं मिला है।
यह मामला राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल, जो अब अजीत पवार की अध्यक्षता वाले गुट से जुड़े हैं के कार्यकाल का है। वे कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा ने प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान नागरिक उड्डयन क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार को लेकर हो-हल्ला मचाया था। उन्होंने कहा, ''भाजपा को डॉ. सिंह से माफी मांगनी चाहिए।"
नेशनल एविएशन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NACIL) का गठन एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद किया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि यह फैसला 'बेईमानी' से किया गया और विमानों को लीज पर लिया गया, जबकि उस दौरान अधिग्रहण कार्यक्रम चल रहा था।
सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि पट्टे पर देने का निर्णय अज्ञात लोगों के साथ साजिश रचकर लिया गया जिससे निजी कंपनियों को आर्थिक लाभ हुआ और सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।