प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनमें इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के फेज-2 को भी आज केंद्र की स्वीकृति मिल गई है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक में इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के फेज-2 को आज स्वीकृति मिली है। इस परियोजना पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे 10750 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण होगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फेज-2 में देश के सात राज्य गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान में 10750 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण होगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस परियोजना के पहले चरण में हुए कार्य की जानकारी साझा करते हुए कहा कि फेज-1 का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के दूसरे चरण को मंजूरी के साथ ही कैबिनेट की बैठक में भारत- नेपाल के बीच महाकाली नदी के ऊपर धारचुला में एक पुल बनाने का निर्णय भी लिया गया है। इससे संबंधित एमओयू जल्द साइन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इससे उत्तराखंड में रहने वाले लोगों को लाभ होगा और नेपाल की तरफ रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक ग्रीन एनर्जी परियोजना का उद्देश्य सोलर और पवन ऊर्जा जैसे पर्यावरण के अनुकूल स्रोत से मिलने वाली बिजली को ग्रिड के जरिये पारंपरिक बिजली स्टेशनों की मदद से ग्राहकों तक पहुंचाना है। ग्रीन एनर्जी से प्राप्त बिजली के इस्तेमाल के लिये मंत्रालय ने 2015-16 में इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।