Byju's: असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में हुए वोटिंग का परिणाम 13 मार्च तक लागू नहीं होगा, इस दिन कर्नाटक उच्च न्यायालय कुछ निवेशकों की आरे से उठाए गए कदम को चुनौती देने वाली रवींद्रन की याचिका पर अगली सुनवाई करेगा।
एजुकेशन टेक फर्म बायजू के शेयरधारक शुक्रवार को उस प्रस्ताव पर मतदान करेंगे जिसके तहत कुछ निवेशक संस्थापक सीईओ बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर 'कुप्रबंधन और विफलताओं' के कारण बोर्ड से बाहर करने की मांग कर रहे हैं।
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हालांकि, असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में हुए वोटिंग का परिणाम 13 मार्च तक लागू नहीं होगा, इस दिन कर्नाटक उच्च न्यायालय कुछ निवेशकों की आरे से उठाए गए कदम को चुनौती देने वाली रवींद्रन की याचिका पर अगली सुनवाई करेगा। उधर, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को ईजीएम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। निवेशकों की बायजू में 32 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। कंपनी में रवींद्रन और परिवार की 26.3 फीसदी हिस्सेदारी है।
ईजीएम नोटिस में थिंक एंड लर्न के वर्तमान बोर्ड को हटाने की मांग की गई है, जो बायजू का संचालन करती है, जिसमें रवींद्रन, उनकी पत्नी और सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ और उनके भाई रिजु रवींद्रन शामिल हैं।
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वर्ष 2022 में बायजू का मूल्यांकन 22 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और अब राइट्स इश्यू के दौरान इसका मूल्यांकन 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया है। निवेशकों को लुभाने के लिए रवींद्रन ने इस सप्ताह उन्हें पत्र लिखकर कहा कि वह पैसों का उपयोग कैसे किया जाए इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे बोर्ड के पुनर्गठन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके तहत संस्थापक और शेयरधारकों की आपसी सहमति से बोर्ड में दो गैर-कार्यकारी निदेशकों की नियुक्ति करना शामिल है।